उत्तराखंड के नीती घाटी में भी हैं बाबा बर्फानी, शीतकाल में 5000 से अधिक श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन
नीती घाटी के टिम्मरसैंण महादेव में बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए पर्यटक और श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

नीती घाटी में स्थित टिम्मरसैंण महादेव में परिवार के साथ विराजमान बाबा बफार्नी। जागरण

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संवाद सहयोगी, गोपेश्वर (चमोली)। नीती घाटी के टिम्मरसैंण महादेव में बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए पर्यटक व श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
नीती घाटी तक हाईवे सुचारू होने से स्थानीय भोटिया जनजाति के लोग भी अपने गांवों को पहुंचने लगे हैं।
पर्यटकों की आमद से स्थानीय लोगों को रोजगार के साथ क्षेत्र में रौनक लौटी है।
बर्फ देखने के लिए पर्यटकों की औली क्षेत्र में आवाजाही हो रही है, लेकिन औली में बर्फ न होने के कारण पर्यटक गौरसों का रुख कर रहे हैं।

गौरसों औली से तीन किलोमीटर ट्रेक कर पहुंचा जाता है। गौरसों में भी बर्फ अब खेलने मात्र के लिए ही है। ऐसे में पर्यटक नीति घाटी के बाबा बर्फानी के दर्शनों को भी अपनी यात्रा में शामिल कर रहे हैं।
हालांकि यहां पर बने प्राकृतिक शिवलिंग पिघल रहे हैं, लेकिन गुफा व आसपास बर्फ होने से पर्यटक खासे आनंदित हो रहे हैं।
शीतकाल में पांच हजार से अधिक श्रद्धालु नीति घाटी में बाबा बर्फानी के दर्शनों को आ चुके हैं।
नीति घाटी में भोटिया जनजाति के लोग रहते हैं वे शीतकाल में निचले स्थानों पर आ जाते हैं, लेकिन इस बार बाबा बर्फानी की यात्रा में श्रद्धालुओं के आने से यात्रा मार्ग पर स्थानीय नागरिकों को रोजगार मिल रहा है।
पर्यटकों की आमद से क्षेत्र में रौनक लौटी है।
