संवाद सहयोगी, गोपेश्वर :

राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार वर्ष 2020 के लिए भारतीय बाल कल्याण परिषद नई दिल्ली ने उत्तराखंड के समस्त जनपदों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। वीरता पुरस्कार के लिए बालक या बालिका की उम्र छह से 18 वर्ष होनी चाहिए। साहसिक कार्य की घटना एक जुलाई 2019 से 30 सितंबर 2020 तक की अवधि की होनी चाहिए। इसमें 25 सितंबर तक आवेदन किए जा सकेंगे।

शनिवार को जिला कार्यालय की प्रभारी अधिकारी कुमकुम जोशी ने बताया कि विद्यालयों में अध्ययनरत ऐसे बालक व बालिकाएं जिन्होंने अपने प्राण संकट में डालकर दूसरों के प्राणों की रक्षा करने या किसी दुर्घटना या किसी अपराध को रोकने जैसे साहसिक कार्य किए हैं वह आवेदन कर सकते हैं। उन्हें साहसिक कार्य के लिए भारतीय बाल कल्याण परिषद् नई दिल्ली द्वारा इस वर्ष वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। प्रभारी अधिकारी ने जनपद के समस्त उप जिलाधिकारियों को अपने तहसील क्षेत्र के अंतर्गत साहसिक कार्य करने वाले बालक व बालिकाओं की सूचना 25 सितंबर तक उपलब्ध कराने को कहा है। ताकि जनपद के साहसिक कार्य करने वाले बालक, बालिकाओं की रिपोर्ट उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण के माध्यम से भारतीय बाल कल्याण परिषद नई दिल्ली को भेजी जा सके।

उन्होंने बताया कि वीरता पुरष्कार के तहत भारतीय बाल कल्याण परिषद के माध्यम से भारत अवार्ड, ध्रुव अवार्ड, मार्कंडेय आवार्ड, श्रवण आवार्ड, प्रहलाद अवार्ड, एकलव्य आवार्ड, अभिमन्यु आवार्ड, जनरल आवार्ड आदि विभिन्न श्रेणियों में 40 हजार से लेकर एक लाख रुपये पुरस्कार तक के 25 अवार्ड दिए जाते है।

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