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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 17, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बदरीनाथ धाम में बंद हुए भगवान आदि केदारेश्वर मंदिर के कपाट

By Raksha PanthariEdited By:
Published: Sat, 17 Nov 2018 06:56 PM (IST)

बदरीनाथ धाम में भगवान आदि केदारेश्वर मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए हैं। इसके अलावा आदि शंकराचार्य मंदिर के कपाट भी बंद कर दिए गए हैं।

बदरीनाथ धाम में बंद हुए भगवान आदि केदारेश्वर मंदिर के कपाट
बदरीनाथ धाम में बंद हुए भगवान आदि केदारेश्वर मंदिर के कपाट

बदरीनाथ, [जेएनएन]: बदरीनाथ धाम में कपाट बंद होने से पूर्व चल रही पंच पूजाओं के क्रम में दूसरे दिन भगवान आदि केदारेश्वर मंदिर के कपाट बंद किए गए। इसके अलावा आदि शंकराचार्य मंदिर के कपाट भी बंद कर दिए गए हैं।

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 20 नवंबर दोपहर बाद 3.21 बजे बंद होने हैं। इसी के तहत धाम में शुक्रवार से पंच पूजाएं चल रही हैं। शनिवार को तप्त कुंड के निकट स्थित भगवान आद्य केदारेश्वर मंदिर के कपाट बंद किए गए। कपाट बंद करने से पहले भगवान को अन्नकूट का भोग लगाया गया।

सुबह बदरीनाथ धाम के रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी के सानिध्य में धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल व वेदपाठियों ने पूजा-अर्चना की। भगवान बदरी विशाल का राजभोग लगने के बाद शिवलिंग व नंदी को विशेष रूप से तैयार किए गए अन्नकूट प्रसाद का भोग लगाया गया। इसके बाद पौराणिक रीति-रिवाज से मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। 

इस अवसर पर श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह व प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र सिंह चौहान भी मौजूद थे। मान्यता है कि जो लोग भगवान केदारनाथ के दर्शन नहीं कर पाते, उन्हें बदरीनाथ धाम में आद्य केदारेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना करने से केदारनाथ यात्रा का ही पुण्य प्राप्त होता है।

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