जासं, बागेश्वर: चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दे चुके गढ़खेत के ग्रामीणों को मनाने के लिए स्वीप की टीम रविवार को लोनिवि के अधिकारियों को लेकर गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को सड़क नहीं आ पाने का कारण बताया। टीम ने ग्रामीणों को दो घंटे तक समझाया और मतदान में भागीदारी करने की अपील की, लेकिन आंदोलित ग्रामीण नहीं माने।

तीन दिन पहले गढ़खेत के ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंचे और सड़क नहीं बनने से नाराज ग्रामीणों ने विधानसभा चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी। रविवार को स्वीप के सहायक नोडल अधिकारी उमेश जोशी के नेतृत्व में टीम गढ़खेत पहुंची। राप्रावि गढ़खेत बूथ में ग्रामीणों के साथ बैठक की। लोनिवि की अभियंता दीपिका ने ग्रामीणों को बताया कि घना वन क्षेत्र होने के कारण पौधरोपण होना है। इसके लिए भूमि चयनित की जा रही है। वन विभाग व लोनिवि के कर्मचारियों ने सड़क निर्माण में चल रही गतिविधि से ग्रामीणों को बताया। कुछ तकनीकी परेशानी हैं। उन्हें जल्द ठीक कर लिया जाएगा। इस मौके पर कानूनगो दिनेश चंद्र नौटियाल, राजस्व उप निरीक्षक सुंदर सिंह परिहार, स्वीप की टीम में नीरज पंत, अनिल पांडे, प्रमोद जोशी, सुरेश खोलिया, हरीश फस्र्वाण, सुनील भट्ट आदि मौजूद रहे। लंबी वार्ता के बाद भी ग्रामीण नहीं माने वे अपनी जिद पर अडिग रहे। उनका कहना है कि उन्हें 2016 से आज तक छला जा रहा है। इस बार वह चुनाव का बहिष्कार करेंगे। उनकी बातों को अनसुना किया जा रहा है। जिसे वह अब बर्दाश्त नही किया जाएगा। कहा कि मत लेकर नेता जी गायब हो जाते है। उन्हीं के मतों से वह चुनाव जीतते है। लेकिन वह अपने दायित्वों का निर्वाह कभी नही करते। इसलिए वह सब मतदान में शामिल नही होंगे।

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