जागरण संवाददाता, बागेश्वर: मौसम लगातार करवट ले रहा है। गर्मी जा रही है और ठंड आ रही है। जिससे छोटे बच्चे बीमार पड़ने लगे हैं। प्रतिदिन जिला अस्पताल में 40 से 65 तक बच्चों के इलाज को उनके माता-पिता पहुंच रहे हैं। वायरल फीवर और खांसी के अलावा चिकन पॉक्स से भी बच्चे पीड़ित होने लगे हैं। अस्थमा रोगियों की भी संख्या में एकाएक इजाफा होने लगा है।

शनिवार को जिला अस्पताल में बीमार छोटे बच्चों की संख्या बढ़ गई और बाल रोग विशेषज्ञ एक ही होने से उन्हें दो घंटे अतिरिक्त काम करना पड़ा। नवजात शिशु के साथ ही एक से चार साल के बच्चों को चिकन पॉक्स भी निकल रहे हैं। इसके अलावा वायर फीवर, खांसी के मरीजों में भी इजाफा हुआ है। डॉक्टरों के अनुसार चिकन पॉक्स और वायरल फैलता है। एक दूसरे को छूने और साथ रहने से बच्चा बीमार पड़ सकता है। इसके लिए लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी है। यदि बड़े लोगों को वायरल आदि होता है तो वह बच्चों से दूर रहें। चिकन पॉक्स वाले बच्चों को बेड रेस्ट कराएं और स्कूल नहीं भेजें। बदल रहे मौसम में बच्चों को ठंड से बचाना जरूरी है।

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अस्थमा रोगी बढ़े

अस्थमा रोग और एलर्जी से पीड़ित लोगों के लिए यह मौसम काफी नुकसानदायक होता है। मौसम बदलने के साथ ही अस्थमा रोग बढ़ने लगा है। जिससे जिला अस्पताल में रोगियों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टरों ने ऐसे मरीजों को ठंड से बचने और गुनगुने पानी का इस्तेमाल करने, शरीर को ढक कर रखने को कहा है। जिला अस्पताल में इसबीच पांच सौ से अधिक ओपीडी होने लगी है।

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क्या करें-क्या न करें

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष पंत ने कहा कि मौसम बदल रहा है। बच्चों की हिफाजत अधिक करनी है। उन्हें ठंड से बचाना है। खांसी, वायरल और चिकन पॉक्स होने पर डॉक्टर को दिखाना है और बासी भोजन, ठंडा पानी, पंखे से दूर रखना है।

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जिला अस्पताल में मौसम के अनुरूप दवाइयों का भंडारण किया गया है। मरीजों को हरसंभव दवाइयां वितरीत की जा रही हैं। डॉक्टरों को भी अतिरिक्त काम करने को कहा गया है।

-एसपी त्रिपाठी, सीएमएस।

Posted By: Jagran

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