जासं, बागेश्वर: मौसम ने इस बार खेती को जर्बदस्त ढंग से प्रभावित किया है। पहले रवि की फसल चौपट हुई और अब सब्जियों को नुकसान पहुंच रहा है। पिछले दो दिनों से हो रही बारिश और ओलावृष्टि ने कृषकों की कमर तोड़ दी है।

कपकोट क्षेत्र के गांवों में उत्पादित होने वाली फसल सबसे अधिक प्रभावित हो रही है। किसानों ने इस बीच शिमला मिर्च, हरी मिर्च, मूली, लौकी, कद्दू समेत हरी सब्जियों का उत्पादन किया है, लेकिन बिगड़ते और बनते मौसम ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। उद्यान विभाग यदि जल्द से जल्द नुकसान का आंकलन नहीं करता है तो किसानों की दिक्कतें और बढ़ सकती हैं। अलबत्ता अधिकतर किसानों ने सब्जियों का बीमा भी नहीं किया है। शामा निवासी किसान दीवान सिंह, धरमघर के मोहन सिंह, लेटी के धन सिंह, शीशाखानी के पदम सिंह और छानापानी के पूरन सिंह ने कहा कि मौसम ने इस बार भारी नुकसान पहुंचाया है। जिससे उनके सामने आíथक संकट पैदा हो गया है।पहले रवि की फसल को नुकसान हुआ। बीच में मौसम दुरुस्त हुआ लेकिन पिछले तीन दिनों से बारिश और ओलावृष्टि ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है।

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आम और नाशपती को भी पड़ी मार

बिगड़ते मौसम से आम, नाशपाती, आडू, पुलम समेत अन्य फलों को भी नुकसान पहुंचा है। आम की फसल बेहतर होने की उम्मीद थी। लेकिन ओलावृष्टि से आम के दानों में दाग आ गए हैं। जिससे वह गिरने भी लगे हैं। कास्तकार शिवदत्त पांडे ने बताया कि पहले अधिक बारिश होने से फलों को नुकसान हुआ और अब ओलावृष्टि ने रही सही कसर पूरी कर दी है।

-वर्जन-

सब्जी और फलों को ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है तो उसका आंकलन किया जाएगा। बीमित किसानों को लाभ मिलेगा। काश्तकारों को उद्यान विभाग हरसंभव मदद कर रहा है।

-आरके सिंह, जिला उद्यान अधिकारी, बागेश्वर।

Posted By: Jagran

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