विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हिमालय में नया कीर्तिमान: जीतेंद्र दानू और टीम ने 6106 मीटर ऊंचे टिंफू कोल पर किया पहला आरोहण

Published: Thu, 01 Oct 2026 03:51 PM (IST)

पर्वतारोही जीतेंद्र सिंह दानू और उनकी टीम ने हिमालय के टिंफू ग्लेशियर क्षेत्र में 6106 मीटर ऊंचे एक अज्ञात कोल का प्रथम आरोहण कर उसे 'टिंफू कोल' नाम दिया है।

News Article Hero Image
timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, बागेश्वर। मल्ला दानपुर के वाछम निवासी पर्वतारोही जीतेंद्र सिंह दानू ने अपनी टीम के साथ हिमालय में एक नई उपलब्धि हासिल की है। टिंफू ग्लेशियर क्षेत्र में अभियान के दौरान, दल ने 6106 मीटर ऊंचे एक अज्ञात कोल का प्रथम आरोहण किया। इस आरोहण के बाद, दल ने इसे ‘टिंफू कोल’ नाम दिया।

यह उपलब्धि 21 सितंबर की सुबह 8:45 बजे प्राप्त हुई। इस अभियान में जीतेंद्र दानू और झूनी गांव के प्रवीण सिंह दानू ने इस ऊंचाई तक पहुंचने का साहस दिखाया। टिंफू ग्लेशियर क्षेत्र का पर्वतारोहण के लिए एक समृद्ध इतिहास रहा है।

वर्ष 1926 में ह्यू रटलज, आरसी विल्सन और टीएच सोमरवेल ने इस क्षेत्र का अन्वेषण किया था, जिसका उद्देश्य नंदा देवी इनर सैंक्चुअरी तक पहुंचने के संभावित मार्ग की खोज करना था।

लगभग एक सदी बाद, इसी क्षेत्र में नए कोल का प्रथम आरोहण पर्वतारोहण के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में उभरा है। अभियान दल के अनुसार, जिस अज्ञात कोल का आरोहण किया गया, वहां से मां नंदा देवी, मां सुनंदा देवी, उत्तरी नंदा देवी ग्लेशियर और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र की कई ऊंची हिमालयी चोटियों का दृश्य दिखाई देता है।

कठिन हिमालयी परिस्थितियों के बीच, दल ने मार्ग तलाशते हुए इस स्थान तक पहुंच बनाई। यह अभियान 16 सितंबर को शुरू हुआ और 23 सितंबर को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

चार सदस्यीय दल में टीम लीडर जीतेंद्र सिंह दानू, डिप्टी लीडर सत्य नारायण बाग, सदस्य एवं समिटियर प्रवीण सिंह दानू और वीरेंद्र सिंह दानू शामिल थे।

सत्य नारायण बाग ओडिशा से हैं, जबकि वीरेंद्र सिंह दानू झूनी गांव के निवासी हैं। जीतेंद्र सिंह दानू के अनुसार, यह उपलब्धि मां नंदा और मां सुनंदा के आशीर्वाद, टीम के सामूहिक प्रयास और कठिन हिमालयी परिस्थितियों में किए गए साहसिक अभियान का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि टिंफू ग्लेशियर क्षेत्र ऐतिहासिक और पर्वतारोहण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक सदी पहले जिस क्षेत्र में अन्वेषण हुआ था, उसी क्षेत्र में नए कोल का प्रथम आरोहण उत्तराखंड के हिमालयी पर्वतारोहण इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ता है।

पहले मिल चुका है दानपुर रत्न सम्मान

इसके अलावा, वाछम निवासी जीतेंद्र दानू को उनकी पर्वतारोहण उपलब्धियों के लिए ‘दानपुर रत्न सम्मान-2025’ से भी सम्मानित किया जा चुका है।

टिंफू कोल के प्रथम आरोहण के बाद, क्षेत्रवासियों ने जीतेंद्र दानू और उनकी पूरी टीम को बधाई दी है। टीम के सदस्यों का मानना है कि यह उपलब्धि मल्ला दानपुर के युवाओं के लिए साहसिक पर्वतारोहण के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा है।

यह भी पढ़ें- बागेश्वर के असोज में मौसम ने बदले तेवर, ऊंची पहाड़ियों पर हिमपात के कारण अचानक बढ़ी ठंड

यह भी पढ़ें- उत्तराखंड के बागेश्वर में बारिश का तांडव: रवाईखाल में मलबे से एनएच बंद, पिंडारी ग्लेशियर यात्रा दो दिन के लिए स्थगित