जागरण संवाददाता, बागेश्वर : बाछम गांव के अनुसूचित बस्ती में दीये से फैली चिगारी से भयंकर आग लग गई। हादसे में चार परिवारों का सब कुछ जलकर खाक हो गया है। घर के भीतर सो रही छह माह की बच्ची को बमुश्किल आग की लपटों से बाहर निकाला गया। इससे उसकी जान बच गई। कपकोट ब्लॉक प्रमुख ने पीड़ित परिवारों को 60-60 हजार रुपये और मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद दिलाने का भरोसा दिलाया है।

कपकोट तहसील के सूदूरवर्ती गांव बाछम में जलते दीये से उठी चिगारी से महेश कुमार पुत्र जवाहर राम, दीपक राम पुत्र पुष्कर राम, पुष्कर राम पुत्र कल्याण राम के अलावा एक अन्य के मकान में भयंकर आग लग गई। घर के भीतर सो रही छह माह की दुधमुंही बच्ची को बचाने के लिए महेश ने जान जोखिम में डाल उसे बचाया। अग्नि पीड़ित महेश ने बताया कि आग से बर्तन, राशन, बिस्तर, सोने के गले व नाक के आभूषण लगभग ढाई तोला, 62 हजार रुपये आदि जलकर खाक हो गया है। उन्होंने बताया कि नकदी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिली पहली किश्त थी। यह पैसा मजदूरों को देने के लिए घर में रखा था। दीपक ने बताया कि उनके शैक्षिक प्रमाण पत्र, एचएम का डिप्लोमा, तीन तोला सोने के आभूषण, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत मिले ऋण की धनराशि आदि जलकर खाक हो गई है। पुष्कर ने बताया कि उनका तीन तोला सोने के आभूषण, आठ हजार रुपये नकदी, फर्नीचर, कारपेंटरी मशीनें आदि खाक हो गई है। उन्होंने बताया कि किसी भी परिवार का कुछ भी नहीं बच सका है। सिर्फ बदन में कपड़े ही बचेहैं। इधर, ब्लॉक प्रमुख गोविद दानू घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने अग्नि पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके अलावा 60-60 हजार रुपये देने की घोषणा की और राशन, कपड़े आदि की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। इस दौरान उप प्रधान तारा सिंह, क्षेपंस कमला आर्य, केशर सिंह, भगवत सिंह, लोकपाल सिंह, पुष्कर राम आदि ने अग्नि पीड़ित परिवारों को तत्काल आíथक सहायता देने की मांग जिला प्रशासन से की है। इधर, डीएम विनीत कुमार ने कहा कि राजस्व पुलिस अग्निकांड की जांच करेगी।

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