लिम्का वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर गणितज्ञ हरिमोहन ने बनाई साइबर सुरक्षा की ऐसी तकनीक, अब सेंध लगाना होगा नामुमकिन
उत्तराखंड के बागेश्वर के गणितज्ञ हरिमोहन सिंह ऐठानी ने साइबर सुरक्षा के लिए एक नई तकनीक विकसित करने का दावा किया है।
HighLights
गणितज्ञ हरिमोहन ऐठानी ने साइबर सुरक्षा इंजन विकसित किया
डेटा सुरक्षा के लिए 128 और 256 राउंड की परतें
रियल टाइम डायनेमिक साल्ट इंजन सुरक्षा कोड बदलता है
जागरण संवाददाता, बागेश्वर । कपकोट के ऐठाण गांव निवासी लिम्का वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर एवं गणितज्ञ हरिमोहन सिंह ऐठानी ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में नई तकनीक विकसित करने का दावा किया है।
उनके अनुसार, मौलिक तार्किक और गणितीय सिद्धांतों पर आधारित यह इंजन डेटा सुरक्षा में उपयोगी हो सकता है। हालांकि, किसी अधिकृत सरकारी या तकनीकी संस्था ने इसका स्वतंत्र परीक्षण और प्रमाणन नहीं किया है। इसलिए इसकी क्षमताएं फिलहाल आविष्कारक के दावे हैं।
डेटा के आधार पर सेंध लगाने का खतरा कम
ऐठानी के मुताबिक, सिस्टम में डेटा सुरक्षा के लिए 128 और 256 राउंड की परतें हैं। इसमें रियल टाइम डायनेमिक सॉल्ट इंजन है, जो हर मिलीसेकंड में सुरक्षा कोड बदल सकता है। उनका दावा है कि समान इनपुट पर अलग-अलग आउटपुट मिलने से पुराने डेटा के आधार पर सेंध लगाने की आशंका घट सकती है।
ऐठानी ने मोबाइल के कंपाइलर पर 12 लाख जटिल इनपुट के परीक्षण और बिना त्रुटि परिणाम मिलने की बात कही। उन्होंने परीक्षण के स्क्रीनशॉट और आउटपुट लाग भी साझा किए। उनके अनुसार, सिस्टम 16 से 20 लाख इनपुट संभाल सकता है। उन्होंने दो लाइब्रेरी बनाई हैं। वन-वे मोड बैंकिंग पासवर्ड, पिन और आधार संबंधी डेटा की सुरक्षा के लिए प्रस्तावित है।
टू-वे मॉड्यूल सैन्य ड्रोन, उपग्रह और रक्षा संचार में एन्क्रिप्शन-डिक्रिप्शन के लिए परिकल्पित है। उनका दावा है कि सिस्टम बाहरी सॉफ्टवेयर के बिना भी काम कर सकता है।
ऐठानी के अनुसार, मुख्य तकनीकी काम 90 से 95 प्रतिशत पूरा है। यूजर इंटरफेस, उत्पाद निर्माण, सुरक्षा आडिट और प्रमाणन बाकी हैं। उन्होंने आईआईटी के एक प्रोफेसर से संपर्क किया है और पेटेंट, कॉपीराइट तथा बौद्धिक संपदा अधिकार सुरक्षित करने की सलाह मिली है। तकनीक की वास्तविक क्षमता का आकलन स्वतंत्र परीक्षण और अधिकृत प्रमाणन के बाद ही होगा।