जागरण संवाददाता, बागेश्वर: मुख्य विकास अधिकारी एसएसएस पांगती ने शनिवार को 12 किसानों के दल को डॉ. वाईएस परमार विश्वविद्यालय, सोलन हिमाचल को रवाना किया। वे वहां तीन दिवसीय कीवी प्रसंस्करण, अध्ययन और प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। उन्होंने दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सीडीओ ने कहा कि जिले में कीवी फलोत्पादन के लिए आबोहवा अनुकूल है और किसान बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। परियोजना क्षेत्र के तहत कपकोट में कीवी फलोत्पादन पूर्व से किया जा रहा है। 2099 से किसान कीवी का उत्पादन कर रहे हैं। ग्राम्या-टू ने शामा क्षेत्र में पौधों का वितरण किया गया है। किसानों के पूर्व में अनुभवों और फलोत्पादन की रूचि में वृद्धि को देखते हुए ग्राम्या परियोजना ने किसानों को कीवी क्षेत्र के विस्तार करने और बंजर भूमि का सुधार कर उत्पादन बढ़ाया है। उद्यान विभाग ने 1773 पौध और ग्राम्या ने 1450 पौधों का वितरण अब तक किया है। कपकोट क्षेत्र में 573 पौधों से किसान उत्पादन ले रहे हैं। भवान सिंह कोरंगा ने इस साल 40 कुंतल कीवी का उत्पादन किया है। कीवी के उत्पादन को बढ़ाने के लिए किसानों को सोलन भेजा जा रहा है और वह वहां अध्ययन करेंगे। पौध तेयार करना, रोपण के लिए गड्ढ़े, खाद, उर्वरकों की जानकारी, कटाई-छंटाई आदि तकनीक भी सीखेंगे।

Posted By: Jagran

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