जागरण संवाददाता, बागेश्वर: उत्तराखंड जल संस्थान अशंकालिक मजदूर संघ ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि वे 20 से 25 वर्षों से पाइन लाइनों की देखरेख, मरम्मत और पानी सुचारू रखने का काम कर रहे हैं। लेकिन उन्हें 2800 रुपये प्रतिमाह वेतन मिल रहा है। इतने कम वेतन पर उनका परिवार चल पाना मुश्किल है। उन्होंने कर्मचारियों की वेतनवृद्धि करने की मांग की है। संघ ने कहा कि पेयजल आपूíत की व्यवस्था उनके हाथ में है। वे पाइन लाइन की देखरेख, रख-रखाव आदि का काम कर रहे हैं। उन्हें पीटीसी के पद पर काम करते हुए करीब 25 साल हो गए हैं। चार से छह घंटा नियमित काम कर रहे हैं। उन्हें अभी तक सम्मान जनक वेतन नहीं मिल सका है। 2800 रुपये मासिक वेतन में उनका घर नहीं चल पा रहा है। महंगाई दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। उत्तराखंड सरकार अन्य विभागों के कर्मचारियों के हित में फैसला ले रही है। वर्तमान में कोरोना वायरस संक्रमण बढ़ रहा है। वह कोविड-19 के दौरान क्वारंटाइन स्थलों पर नियमित पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका भी वेतन बढ़ना चाहिए। इस मौके पर मजदूर संघ्ज्ञ के अध्यक्ष धरम सिंह समेत अन्य कर्मचारी मौजूद थे।

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