गरुड़ के हवील कुलाऊं में फटा बादल, मची भगदड़
संवाद सूत्र गरुड़ तहसील के ह्वील कुलवान गांव के ऊपर की पहाड़ियों पर बादल फटने से कत्यूर ...और पढ़ें

संवाद सूत्र, गरुड़ : तहसील के ह्वील कुलवान गांव के ऊपर की पहाड़ियों पर बादल फटने से कत्यूर घाटी में तबाही मच गई। आधे दर्जन मकान व गोशालाएं ध्वस्त हो गई। कई घरों के आंगन दरक गए। गोमती नदी के उफान पर आने से कई पेयजल योजनाएं, खेत बह गए। नदी किनारे रह रहे लोगों ने बमुश्किल भागकर जान बचाई।
तहसील क्षेत्र में सोमवार की सुबह तीन बजे से बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बारिश शुरू हुई। अचानक तेज गड़गड़ाहट के साथ ग्वालदम की ऊंची पहाड़ी के नीचे बसे ह्वील कुलवान गांव के ऊपर बादल फट गया। गनीमत रही कि बादल जंगल में गांव से दूर एक गधेरेनुमा स्थान पर फटा, गांव के ठीक ऊपर फटता तो पूरा ह्वील कुलवान का गांव तबाह हो जाता। बादल फटते ही पूरी कत्यूर घाटी में तेज मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। जंगल से भारी मात्रा में पेड़ व पहाड़ी टूटकर मलबे के साथ गोमती नदी में आ गए। गोमती नदी का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया। तभी तहसील प्रशासन ने सायरन बजाकर अलर्ट जारी कर दिया। गोमती नदी के उफान पर आने से मैगड़ीस्टेट, कच्यूली, मालदे, बैजनाथ, चक्रवर्तेश्वर, भौरा, गागरीगोल के किनारे के इलाकों में भारी तबाही मच गई। ह्वील कुलवान में दरबान सिंह व राजेंद्र सिंह के मकानों को खतरा हो गया। प्राथमिक विद्यालय के पीछे भूस्खलन होने से विद्यालय को खतरा हो गया है। मजकोट में दिनेश चंद्र के मकान के पीछे स्लाइड आने से खतरा हो गया है। फूलवाड़ीगूंठ में शिव गिरी का मकान व खिलाफखेत में सुरेंद्र सिंह की गौशाला ध्वस्त हो गई। डूंगरी में खीम सिंह के मकान में दरारें आ गई। इसके अलावा कई गांवों में मकान, गोशाला, रास्ते ध्वस्त होने व आंगन दरकने के समाचार हैं। जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष व भाजपा के जिला उपाध्यक्ष इंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि ह्वील कुलवान में राजपाणी के गधेरे में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों के कई नाली उपजाऊ खेत बह गए। सूचना मिलते ही उप जिलाधिकारी जयवर्धन शर्मा दलबल के साथ आपदाग्रस्त इलाकों में पहुंचे और राहत कार्यों में जुट गए। प्रशासन की टीम ने कई क्षत्रों में आपदा में हुए नुकसान का निरीक्षण किया। विधायक चंदन राम दास, पूर्व विधायक ललित फर्सवाण, ब्लाक प्रमुख भरत फर्सवाण, जिपंस शिव सिंह बिष्ट, इंद्र सिंह बिष्ट, च्येष्ठ प्रमुख जगदीश कुनियाल, कनिष्ठ प्रमुख प्रकाश कोहली, बलवंत भंडारी, दिगंबर नाथ आदि ने प्रशासन से नुकसान की भरपाई करने व प्रभावितों को तत्काल मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
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उफनाई सरयू-गोमती, जलमग्न हुए खेत खलिहान
जागरण संवाददाता, बागेश्वर : सोमवार सुबह सरयू-गोमती दोनों एक साथ उफन आई और नगर में भगदड़ मच गई। नदी कालभैरव मंदिर परिसर की तरफ बढ़ने लगा और वहां रह रहे एक व्यक्ति के घर के भीतर घुस गया। घाट, बागनाथ मंदिर की सीढि़यां भी जलमग्न हो गई और स्थिति भयावह हो गई। जिला प्रशासन अलर्ट हो गया और सायरन बजाकर लोगों को भी अलर्ट किया गया। वहीं, पंद्रहपाली में एक मकान भूस्खलन की जद में आ गया और परिवार बेघर हो गया है। गत रविवार की रात से बारिश शुरू हुई और सुबह होते ही बारिश की गति तेज हो गई। जिससे गोमती-सरयू का जलस्तर एकाएक बढ़ गया और नदी का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया। जिससे सुबह एक तरह से भगदड़ मच गई। सरयू और गोमती उफना गई और बागनाथ मंदिर की सीढि़यां पूरी तरह ढक गई। शवदाह केंद्र आधा डूब गया। कालभैरव मंदिर के समीप तक पानी पहुंच गया। स्थानीय निवासी कल्लू के घर के भीतर मलबा आदि जमा हो गया और उनका आधा सामान नदी के तेज बहाव में बह गया। वहीं बालीघाट के निकट पंद्रहपाली में मकान भूस्खलन की चपेट में आ गया और परिवार बेघर हो गया।
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जल पुलिस तैनात
सरयू-गोमती का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंचने पर जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया। बागनाथ मंदिर और घाट आदि स्थानों पर जल पुलिस की तैनाती की और लोगों को सावधान रहने को कहा गया।
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आवासीय घरों में घुसा पानी
गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से कोतवाली के आवासीय परिसर की दीवार तोड़कर पानी फैमली क्वार्टर में घुस गया और वहां भी अफरातफरी मच गई। घरों के भीतर रखा सामान आदि भी मलबे में दबकर खराब हो गया। तहसील प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को तत्काल वहां से हटा लिया और उन्हें अहैतुक सहायता प्रदान की गई। वहीं मंडलसेरा, सैंज, तहसील रोड आदि स्थानों पर भी कई लोगों के घरों में जलभराव होने से उनकी दिक्कतें बढ़ गई हैं।
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शामा में भूस्खलन
शामा में भूस्खलन से एक रोलर और एक ऑल्टो कार भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है। वहीं तमाम घरों को खतरा बना हुआ है। कपकोट में लगातार दो घंटे तक हुई बारिश से सरयू का जलस्तर बढ़ने से लोग भयभीत हो गए। तहसील प्रशासन ने अलर्ट जारी कर लोगों को सावधान किया।
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एक दर्जन सड़कें बंद
बारिश से अल्मोड़ा-ग्वालदम मोटर मोटर मार्ग किमी चार और पांच में बंद हो गया है। लोनिवि कपकोट की कपकोटी-दूणी-सुकुंडा सड़क किमी दो, कपकोट-शामा-तेजम किमी 64 और 65 में आवागमन के लिए पूरी तरह बंद हो गई है। पोथिग-शोभाकुंड किमी दो, पीएमजीएसवाइ की धरमघर-माजखेत रोड किमी 11, तोली किमी दो, कपकोट-कर्मी, किमी सात से 17 तक, खड़लेख-भनार किमी दस, कपकोट-कर्मी-तोली किमी दो, बघर किमी पांच में बोल्डर आने से बंद हो गई है। शामा-नौकुड़ी किमी 13 और 14 में भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गई है। रिखाड़ी-बाछम रोड, शामा-लीती-गोगिना में भारी बोल्डर गिरने से यातायात के लिए बंद हो गई है। पंद्रहपाली-हड़वाड़, डंगोली-सैलानी आदि सड़कें भी आवागमन के लिए पूरी तरह बंद हो गए हैं।
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पंद्रहपाली में मकान चढ़ा भूस्खलन की भेंट
जासं, बागेश्वर: भयंकर बारिश से पंद्रहपाली में एक मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। परिवार के लोगों ने भागकर जान बचाई। मलबे में मवेशी दबे होने की सूचना है। जिससे इलाके में दहशत फैल गई है। वहीं, एनडीआरएफ और राजस्व टीम घटना स्थल पहुंच गई है और खोजबचाव में जुटी है। सोमवार की सुबह करीब चार बजे विनोद सिंह गढि़या के मकान के ऊपर छोटे-छोटे बोल्डर आने लगे। आवाज सुनकर उनकी नींद खुल गई और बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी। उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों को भी जगाया और मकान छोड़कर सुरक्षित स्थान पर चले गए और घटना में पूरा परिवार बालबाल बच गया। वहीं राजेंद्र सिंह के मकान का आंगन भी गिर गया है और उनके गोशाले में बंधी एक बकरी मलबे में दब गई है। मकान क्षतिग्रस्त होने से मलबे में अन्य घरेलू सामग्री भी दब गए हैं। इधर, एनडीआरएफ और राजस्व विभाग की टीम नुकसान का जायजा लेने में जुटी हुई है। पटवारी मनोज कुमार ने बताया कि भूस्खलन होने से मकान का आधा हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है।
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नदियों का जलस्तर
सरयू-867.80, गोमती-866.30, बैजनाथ बैराज-1112.50, कपकोट सरयू-1033.00 मीटर।
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बारिश का आंकड़ा
बागेश्वर-40, गरुड़-75 और कपकोट 90 एमएम।
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