बागेश्वर में दिखा आस्था का सैलाब, मां भगवती के चरण कमलों के लिए नंगे पैर हिमालय से ब्रह्मकमल लाने निकले भक्त
बागेश्वर के बिचला दानपुर से 18 जतेर नंदा कुंड की ओर 15 हजार फीट की ऊंचाई पर 100 किमी की ...और पढ़ें
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HighLights
18 जतेर नंदा कुंड की ओर कठिन पदयात्रा पर निकले।
मां भगवती के लिए हिमालय से ब्रह्मकमल लाएंगे भक्त।
नंगे पैर 15 हजार फीट पर आस्था का सफर।
जागरण संवाददाता, बागेश्वर। एक ओर हिमालय की बर्फीली चोटियां तथा दूसरी ओर शरीर जमा देने वाली ठंड। पैरों में न जूते हैं और न ही चप्पल। करीब 15 हजार फीट की ऊंचाई तक हिमालय की 100 किमी से अधिक दूरी की कठिन पदयात्रा। अगाध आस्था के सहारे 18 जतेर (देव डांगर व भक्तगण) सोमवार को नंदा कुंड (सुंदरढूंगा घाटी) की ओर बढ़ चले हैं।
वहां से ब्रह्मकमल लेकर 18 सितंबर को लौटेंगे। लीती गांव में स्थित भगवती मंदिर में मां को यही ब्रह्मकमल अर्पित होंगे। साथ ही मां का स्वरूप भी इनसे बनाया जाएगा। हर वर्ष होने वाली यह जात (यात्रा) बागेश्वर के बिचला दानपुर की सदियों पुरानी लोक आस्था की जीवंत मिसाल है।
