जागरण संवाददाता, बागेश्वर : पिछले 24 घंटों के भीतर कपकोट में 35 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। जबकि गरुड़ और बागेश्वर में औसतन बारिश कम हुई। जिससे उमस बढ़ गई है। बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली आठ सड़कों पर भारी मात्रा में मलबा आ गया है जिससे सड़कों पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।

जिले में इस साल बरसात में औसतन बारिश कम हो रही है। करीब तीन गुना कम बारिश रिकार्ड की गई है। पिछले 24 घंटों में कपकोट में सबसे अधिक बारिश 35 एमएम रिकार्ड की गई जबकि गरुड़ में 15 और बागेश्वर में 7.50 एमएम बारिश हुई। जिससे घाटी वाले इलाकों में उमस बढ़ गई है और लोग पसीने वाली गर्मी से बेहाल हो गए हैं। अच्छी बारिश नहीं होने से लोग वायरल फीवर और अन्य बीमारियों से ग्रस्त होने लगे हैं। वहीं बारिश से सरयू का जलस्तर भी बढ़ गया है। जिससे नगर समेत ग्रामीण पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हो गई हैं। जिससे कई इलाकों में मटमैला और प्रदूषित पानी की आपूíत हुई।

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नदियों का जलस्तर

सरयू-866.00, गोमती-863.05, बैजनाथ झील-1115.60 मीटर।

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ये सड़कें बंद

कमेड़ीदेवी-भैसुड़ी मोटर मार्ग किमी 14, 16 में मलबा आने से बंद हो गई है। सूपी मोटर मार्ग किमी तीन, लीली मोटर मार्ग किमी 10, रिखाड़ी-बाछम, किमगैर-गडेरा, धरमघर-माजखेत किमी नौ, माजखेत, खड़लेख-भनार, दफौट-पपों-रताइस किमी तीन, चार में भारी भूस्खलन से आवागमन के लिए बंद हो गई हैं।

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भूस्खलन से बंद सड़कों को खोलने के लिए लोनिवि और पीएमजीएसवाइ के कर्मचारी जुटे हुए हैं। पहाड़ दरकने से लगातार सड़कों को क्षति पहुंच रही है। आठ ग्रामीण सड़कों के अलावा अन्य सभी मार्ग खुले हुए हैं।

-शिखा सुयाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी

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Posted By: Jagran

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