जागरण संवाददाता, बागेश्वर: टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग को लेकर संघर्ष समिति ने मोर्चा खोल दिया है। समिति ने रैली निकालकर रेल लाइन बिछाने की मांग की। चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अब भी रेल मार्ग का निर्माण नहीं किया जाता तो उग्र आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा।

शनिवार को टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन की मांग को लेकर रेल मार्ग निर्माण संघर्ष समिति ने रैली निकाली। इसके बाद तहसील पर प्रदर्शन कर केंद्र सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी ने कहा कि कई दशक से रेल निर्माण को लेकर आंदोलन किया जा रहा है। इस दौरान कई सरकारें आई, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। राज्य बनने के बाद उम्मीद जगने लगी थी कि अब रेल लाइन का निर्माण हो जाएगा। लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। सरकार लगातार इस क्षेत्र की उपेक्षा कर रही है। बीते दिनों चार धाम को जोड़ने के लिए रेलवे लाइन की स्वीकृति कर पैसा भी दे दिया है। लेकिन कुमांऊ क्षेत्र की उपेक्षा की जा रही है। जिससे क्षेत्रवासी आहत है। उन्होंने कहा कि इस बार रेल मार्ग को लेकर क्षेत्रवासी आर-पार की लड़ाई का मन बना रहे है। अगर सरकार जल्द कोई कार्रवाई नही होती तो फिर सड़कों में उतरने को बाध्य होना पड़ेगा। उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलमार्ग निर्माण की तरह ही यहां के मार्ग का भी निर्माण किया जाए। अगर दिल्ली में भी जाकर आंदोलन करना पड़े तो इसके लिए भी वह पीछे नही हटेंगे। मौके पर सड़क, अस्पताल, बदलहाल शिक्षा व्यवस्था के भी मुद्दे उठाए गए। इस अवसर पर खड़क राम आर्य, हयात ¨सह, इंदिरा मिश्रा, गिरीश चंद्र पाठक, केशवानंद जोशी, प्रताप ¨सह गढि़या, चंदन ¨सह ऐठानी, मोहन चंद्र जोशी, कमलजीत, भगवती प्रसाद, सोबन ¨सह सुगड़ा, खीम ¨सह मेहता, गो¨वद ¨सह दानू आदि मौजूद थे।

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