संवाद सहयोगी, स्यालदे (रानीखेत) : ब्लॉक के तामाढौन क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति लड़खड़ा जाने से ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बार बार शिकायत के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं होने से उपभोक्ताओं में आक्रोश पनपने लगा है। दो टूक चेतावनी दी है शीघ्र व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

विकासखंड स्याल्दे के तामाढौन गाव में पेयजल व्यवस्था पटरी से उतर गई है। जिस कारण क्षेत्र की करीब 1200 की आबादी पानी की बूंद-बूंद को तरस गई है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पेयजल मुहैया कराने को बनी चिरौल तामाढौन पेयजल योजना से महीने में लगभग दस दिन ही पानी मिल पाता है। बाकी बचे दिनों में पानी की व्यवस्था के लिए लोगों को इधर उधर भटकना पड़ता है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों पर भी हीलाहवाली का आरोप लगाया। कहा कई बार शिकायत के बावजूद विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। दो टूक चेतावनी दी शीघ्र व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।

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'पेयजल आपूर्ति बाधित होने की सूचना न तो ग्रामीणों ने दी और ना ही विभागीय कर्मचारियों ने। फिर भी पानी नहीं आ रहा है तो कर्मचारियों को भेज मुआयना कर समस्या को दूर किया जाएगा।

- शूरवीर सिंह चौहान, जेई जल संस्थान'

Posted By: Jagran

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