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Uttarakhand Forest Fire: जंगल की आग बुझाते हुए एक युवक की मौत, तीन महिलाएं गंभीर

Uttarakhand Forest Fire राजकीय इंटर कालेज कमलेश्वर के पास जंगल को आग लग गई। आग स्यूनराकोट के जंगल की ओर बढ़ने लगी। इस दौरान वहां मौजूद चार लीसा मजदूर आग बुझाने में जुट गए। आग इतनी भयंकर थी कि सभी को अपनी चपेट में ले लिया। इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई। जबकि तीन महिलाएं गंभीर घायल हो गईं।

By chandrashekhar diwedi Edited By: Nirmala Bohra Published: Fri, 03 May 2024 07:49 AM (IST)Updated: Fri, 03 May 2024 07:49 AM (IST)
Uttarakhand Forest Fire: सभी प्रभावित नेपाली मूल के, घायलों को बेस अस्पताल पहुंचाया

जागरण संवाददाता, अल्मोड़ा: Uttarakhand Forest Fire: जंगल की आग अब जानलेवा बनने लगी है। हवालबाग ब्लाक के स्यूनराकोट क्षेत्र में जंगल की आग गांव बुझाते हुए एक व्यक्ति की मौत हो गई। जबकि तीन महिलाएं गंभीर घायल हो गईं। घायलों का बेस अस्पताल में इलाज चल रहा है। मृतक और घायल नेपाली मूल के हैं।

हवालबाग ब्लाक के स्यूनराकोट के जंगल में सुबह से आग लगी हुई थी। दोपहर करीब दो बजे राजकीय इंटर कालेज कमलेश्वर के पास जंगल को आग लग गई। आग स्यूनराकोट के जंगल की ओर बढ़ने लगी। इस दौरान वहां मौजूद चार लीसा मजदूर आग बुझाने में जुट गए।

आग बुझाने में एक व्यक्ति की मौत

आग इतनी भयंकर थी कि सभी को अपनी चपेट में ले लिया। आग बुझाने में एक व्यक्ति दीपक की मौत हो गई। जबकि तीन महिलाएं शीला, पूजा, ज्ञान गंभीर घायल हो गई। यह चारों नेपाली मजदूर है। जो स्यूनराकोट के जंगल में लीसा निकालने का काम करते हैं।

मौके पर मौजूद पूर्व प्रमुख रमेश भाकुनी ने बताया कि 108 सहित प्रशासन को सूचना दे दी है। स्थानीय लोगों के सहयोग से झुलसे घायलों को अस्पताल लाया जा रहा है। हवालबाग के ज्येष्ठ प्रमुख आनंद डंगवाल ने बताया कि गांव के पास आग पहुंच गई थी।

आग बुझाते समय यह हादसा हो गया। उप वन संरक्षक दीपक सिंह ने बताया कि घटना हुई है। लीसा फैक्ट्री में आग लगने से यह घटना होने की बात सामने आ रही है। मौके पर वन विभाग की टीम को भेज गया है। मैं भी मौके को जा रहा हूं।

लीसा बचाने के चक्कर में हुआ हादसा

हादसे की पीड़ित नेपाली मजदूर स्यूनराकोट के जंगल में लीसा दोहन का कार्य करते हैं। यही इनकी आमदनी का स्रोत भी है। जब इन्होंने आग को जंगल की ओर बढ़ते हुए देखा तो यह बुझाने के लिए मौके पर पहुंचे। इसी दौरान यह हादसा हो गया।

आपातकालीन सेवा नहीं पहुंचने से आक्रोश

हादसे के चार घंटे के बाद भी आपातकालीन सेवा नहीं पहुंचने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। जब सेवा नहीं पहुंची तो स्थानीय लोग पिकअप गाड़ी से घायलों और मृतक को अस्पताल ले गए। जिससे ग्रामीणों में खासा रोष व्याप्त हो गया। उन्होंने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।


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