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अल्मोड़ा के सौराल में दो बाघों की धमक, दहाड़ सुनकर ग्रामीणों में दहशत

Published: Wed, 02 Sep 2026 07:05 PM (IST)

अल्मोड़ा के सौराल गांव में दो बाघों की आवाजाही से दहशत बढ़ गई है, जहां पानी भर रही एक महिला बाघों की दहाड़ सुनकर बाल-बाल बची।

यह तस्वीर AI जेनेरेटेड है

यह तस्वीर AI जेनेरेटेड है

HighLights

  1. सौराल के चौरयाम तोक में दो बाघों की धमक से दहशत।

  2. पानी भर रही महिला ने बाघों की दहाड़ सुनकर जान बचाई।

  3. कॉर्बेट से सटे गांवों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ीं।

जागरण संवाददाता, अल्मोड़ा। कॉर्बेट व कालागढ़ टाइगर रिजर्व से लगे मानव वन्यजीव टकराव के लिहाज से अतिसंवेदनशील गांवों में बाघों की आवाजाही फिर बढ़ गई है। बौरड़ा व रतनिया के बीच डेरा जमाए हिंसक बाघ के अलावा सौराल गांव के चौरयाम तोक में एक साथ दो बाघों की धमक ने दहशत और बढ़ा दी।

घर से कुछ ही दूरी पर स्टेंड पोस्ट पर पानी भर रही महिला संयोग से करीब 50 मीटर दूर मौजूद बाघों की दहाड़ से सतर्क हो गई और बर्तन छोड़ भाग कर जान बचाई। ग्रामीण इसलिए भी डरे सहमे हैं कि 31 से तीन तारीख के बीच ही बाघों की गतिविधियां इन गांवों में बढ़ी हैं और इन्हीं तिथियों को हमले में तीन ग्रामीणों को जान भी गंवानी पड़ी है।

इधर तेज वर्षा के बीच वन कर्मियों का रेस्क्यू दल ड्रोन व अन्य साजोसामान के साथ गांव में पहुंचा। मगर तब तक ऊपरी भूभाग पर बगड़िया के ग्रामीणों के गांधी बंदूक चलाने और हो हल्ला करने पर दोनों बाघ जंगल की तरफ बढ़ गए। हड़कंप के बीच कुछ ग्रामीणों ने मोबाइल कैमरे से वीडियो भी बना लिए, जिसमें पहले एक फिर दूसरा बाघ पैदल रास्ते पर दिखाई दे रहे हैं। गांव वालों ने बताया कि शाम को बाघों के दहाड़ने का सिलसिला जारी है।

मोहान रेंज के डभरा सौराल ग्राम पंचायत के घोड़ीधार तोक में बीते तीन अगस्त को 21 वर्षीय नवविवाहिता को बाघ ने मार डाला था। तब से हिंसक बाघ रेस्क्यू न होने से दहशत का पर्याय बना हुआ है। अल्मोड़ा वन प्रभाग की चार रेंज के अनुभवी वन क्षेत्राधिकारियों के साथ ही रामनगर व मंदाल रेंज की टीम अपने स्तर से बाघ को रेस्क्यू करने के लिए अभियान चलाए है।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के विशेषज्ञ डॉ. दुष्यंत शर्मा की अगुआई में ट्रैंकुलाइजर दल भी मुस्तैद है। मगर लगातार वर्षा अभियान में बाधा डाल रही है। इधर बुधवार को सौराल के चौरयाम तोक निवासी हंसा देवी ने बताया कि वह घर के पास ही स्टेंड पोस्ट से पानी भरने गई थी।

तभी लगभग 45-50 मीटर की दूरी पर मौजूद बाघ दहाड़ा तो हंसा देवी बर्तन छोड़ कर उल्टे पांव भागी। चीखपुकार सुन निचले भूभाग पर रहने वाले रिश्ते के देवर भी दौड़े आए।

ग्रामीणों ने शोर मचाया। दोनों बाघ बगड़िया की ओर बढ़ गए। हंसी देवी के अनुसार बाखली में छह मकान खाली हैं। एक बंजर पड़ा है। वह तीन बच्चों के साथ अकेली रहती हैं। पति पूरन सिंह गुसाई देहरादून के एक निजी चिकित्सालय में कार्य करते हैं। बाघ का खतरा काफी बढ़ गया है।

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