संस, जागेश्वर (अल्मोड़ा) : जागेश्वर में चल रहे तीन दिवसीय जागेश्वर महोत्सव में रविवार की शाम कुमाऊंनी और गढ़वाली लोक कलाकारों के नाम रही। लोक कलाकारों ने रविवार की शाम रंगारंग कार्यक्रमों से ऐसा समां बांधा कि दूर दराज से पहुंचे दर्शक कड़ाके की ठंड के बाद भी देर रात तक दर्शका दीर्घा में जमे रहे और कलाकारों की प्रस्तुति पर उनका प्रोत्साहन करते रहे।

रविवार की रात के कार्यक्रमों का शुभारंभ कुमाऊंनी गढ़वाली लोकगीतों से हुआ। लोकगायक गजेंद्र राणा, खुशी जोशी, गोविद दिगारी, गोपाल गोस्वामी, किशन महिपाल, मीना राणा और माया उपाध्याय ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दी। नन्हें कलाकार दक्ष कार्की ने सुन ले दगड़यिा और उत्तरैणी कौतिक लागी रौ जैसे गीत प्रस्तुत कर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इससे पूर्व साधकों द्वारा योग का अभ्यास भी कराया गया। सोमवार को मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा कुमाऊंनी परिधान, लोक संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों के अलावा ट्रेकिग, साइकिल दौड का आयोजन भी कराया गया। महोत्सव के दौरान छोट बच्चों ने ऊंट की सवारी का भी लुत्फ उठाया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं में शामिल बच्चों को पुरस्कार भी प्रदान किए गए। जबकि शौकियाथल, वृद्ध जागेश्वर, ऐरावत गुफा आदि क्षेत्रों में फलदार और चौड़ी पत्ती के वृक्षों का रोपण भी किया गया। उपजिलाधिकारी मोनिका ने कार्यक्रम के समापन मौके पर कहा कि जागेश्वर महोत्सव के माध्यम से सैलानियों को आकर्षित करने के साथ ही स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का मौका मिल सका। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव को आने वाले समय में और अधिक भव्य रूप दिया जा सके। इसके लिए पूरे पूरे प्रयास किए जाएंगे।

इस मौके पर प्रबंधक भगवान भट्ट, उपाध्यक्ष गोविद गोपाल, पुजारी प्रतिनिधि भगवान भट्ट, हरिमोहन भट्ट, आजीविका के प्रबंधक कैलाश भट्ट, डा. अजीत तिवारी, विभू कृष्णा, कैलाश डोलिया, बृजेश डसीला आदि मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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