संवाद सहयोगी,रानीखेत : नैनीताल व अल्मोड़ा जनपद की सीमा पर स्थित जीआइसी भुजान में कार्यरत प्रधानाचार्य व शिक्षकों के लिए बने आवासीय परिसर अस्तबल में तब्दील हो गए हैं। कभी करोड़ों की लागत से बने इन आवासीय परिसर की सुध लेने वाला कोई नहीं है। यहां बड़ी-बड़ी झाड़िया उग आई हैं। सरकारी परिसर की बदतर हालत शिक्षा विभाग की कार्यशैली उजागर कर रही है।

दोनों जनपदों के मध्य में स्थित जीआइसी भुजान के कर्मचारियों के लिए करीब बीस वर्ष पूर्व करोड़ों की लागत से रानीखेत खैरना स्टेट हाईवे के समीप आवासीय परिसर तैयार किए गए। परिसर में प्रधानाचार्य शिक्षक व चपरासी के रहने के लिए व्यवस्था थी। कुछ समय प्रधानाचार्य, अध्यापकों व कर्मचारियों ने यहा डेरा भी डाला, तब खूब चहल-पहल हुआ करती। फिर विद्यालय के स्टाफ ने यहा रहना छोड़ दिया। देखरेख के अभाव में परिसर खस्ताहाल होते चले गए। आलम यह है कि चारों ओर झाड़िया उगी हैं। वहीं कई कमरे तो अस्तबल जैसे हो गए हैं। स्टेट हाईवे से सटे इस परिसर की हालत पर क्षेत्रवासी भी हैरान हैं। प्रातीय नगर उद्योग व्यापार मंडल प्रदेश उपाध्यक्ष महिपाल सिंह बिष्ट ने इसे शिक्षा विभाग की उपेक्षा करार दिया है।

===================

परिसर देख रहा शिक्षकों की राह सरकारी भवनों की उपेक्षा हैरानी कर देने वाला है। एक ओर शिक्षक दूर दराज से विद्यालयों में आवजाही कर रहे हैं तो यहा पहले से तैयार परिसर शिक्षकों की राह देख रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार यदि इस परिसर को दुरुस्त कर दिया जाए तो दस से ज्यादा शिक्षक व उनके परिवार यहा रह सकते हैं।

===

वर्जन

अभी देखा नहीं है। जल्द निरीक्षण को जाऊंगा। हालात देखे जाएंगे यदि सुधार किया जाना संभव होगा तो सुधार किया जाएगा। कुछ ना कुछ ठोस कदम उठाएंगे।

- जगमोहन सोनी, मुख्य शिक्षा अधिकारी

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस