संवाद सहयोगी, द्वाराहाट : मूसलधार बारिश ने आम जन की दुश्वारिया बढ़ा दी हैं। उफनाए गधेरों की जद में आकर मेल्टा-सतीनौगाव के अतिरिक्त विकासखंड की छह पेयजल योजनाएं बह गई। इससे करीब दस हजार की आबादी के सम्मुख पेयजल संकट गहरा गया है। प्राकृतिक स्त्रोत दूर होने के कारण ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों ने योजनाओं को तत्काल सुचारू करने की माग की है।

बीते शनिवार को अतिवृष्टि के बाद भी हालात सामान्य नहीं हो सके हैं। उफनाए दोसाद गधेरे से कटाव के कारण मेल्टा सतीनौगाव पेयजल योजना का हेड व पाइप बह गए। 1985 में बनी यह योजना करीब ढाई हजार लोगों की प्यास बुझाती आई है। पुरानी योजना के पुराने पाइपों से पानी की आपूर्ति समुचित मात्रा में न होने से इसके साथ आतरिक योजना भी जोड़ी गई थी। वह भी गधेरे के तेज बहाव को नहीं झेल सकी।

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गांवों में गहराया जलसंकट

वहीं नैणी, धनखलगाव, मलयालगाव, दैना, मुझोली आदि गावों की पेयजल योजनाएं भी अतिवृष्टि के कारण क्षतिग्रस्त होने से संबंधित गावों में जलसंकट गहरा गया। रविवार को मेल्टा के ग्रामप्रधान प्रमोद जोशी व अन्य ने योजनाओं का मुआयना कर संबंधित विभाग से संपर्क साध पूरी जानकारी दे तत्काल मरम्मत कर आपूर्ति सुचारू करने की माग की है।

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वर्जन

'विकासखंड की कई पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं। कर्मचारियों को भेजकर कम नुकसान वाली योजनाओं को तत्काल ठीक कराया जा रहा है। मेल्टा-सतीनौगाव योजना के पाइप व हेड बह गए हैं। आगणन शासन को भेजा जा रहा है।

- एसएस रौतेला, कनिष्ठ अभियंता जल संस्थान'

Edited By: Jagran