यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 06, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
द्वाराहाट में बुजुर्ग आंदोलनकारी को अनशन से जबरन उठाया
वास्तविक राज्य आंदोलनकारी का दर्जा हासिल करने को आमरण अनशन पर बैठे बुजुर्ग मोहन सिंह रावत को चौथे दिन प्रशासन ने जबरन उठा लिया।

द्वाराहाट, [जेएनएन]: वास्तविक राज्य आंदोलनकारी का दर्जा हासिल करने को आमरण अनशन पर बैठे बुजुर्ग मोहन सिंह रावत को चौथे दिन प्रशासन ने जबरन उठा लिया। इस दौरान आंदोलनकारियों व एसडीएम के बीच तीखी तकरार भी हुई। हंगामे व नारेबाजी के बीच प्रशासनिक टीम ने स्वास्थ्य में गिरावट का हवाला दे बुजुर्ग को चिकित्सालय में भर्ती करा दिया। उधर, दूसरे आंदोलनकारी ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
पृथक उत्तराखंड निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के बावजूद सम्मान से वंचित द्वाराहाट व चौखुटिया विकासखंड के राज्य आंदोलनकारी अरसे से लामबंद हैं। चिह्नीकरण में उपेक्षा तथा वादाखिलाफी का आरोप लगा बीती सोमवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया गया था। 70 वर्षीय मोहन सिंह रावत लगातार चार दिन से भूख हड़ताल पर डटे रहे।
इस बीच उनके स्वास्थ्य में गिरावट आने प्रशासन गुरुवार को हरकत में आ गया। एसडीएम फिंचाराम चौहान व नायब तहसीलदार सतीश बर्थवाल मय टीम मौके पर पहुंचे। अनशन स्थल पर बैठे बुजुर्ग मोहन सिंह को जबरन उठा लिया। इस पर धरने पर बैठे अन्य आंदोलनकारी भड़क उठे और उनकी एसडीएम व नायब से तीखी तकरार भी हुई।
इसके बावजूद टीम अनशनकारी को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची जहां उन्हें भर्ती करा दिया गया। इससे नाराज अन्य आंदोलनकारियों ने प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। घोषित राज्य आंदोलनकारी चंदन नेगी, बीरेंद्र बजेठा व मोहन चंद्र तिवारी ने कहा कि प्रशासन ने आरोप लगाया कि आंदोलन तोड़ने के लिए प्रशासन झूठे आश्वासन देता आ रहा। आंदोलन और तेज करने का एलान करते हुए चौखुटिया से पहुंचे राम सिंह बोरा ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
