संवाद सहयोगी, रानीखेत : पहाड़ की स्वास्थ्य सेवाएं आइसीयू में आ गई हैं। पहले चिकित्सक और अब फार्मेसिस्ट भी पहाड़ चढ़ने को तैयार नहीं हैं। इसका जीता-जागता उदाहरण है ताड़ीखेत ब्लॉक के सूदूर चौना पाखुड़ा गाव में स्थित स्वास्थ्य केंद्र का। दो माह पूर्व जिला मुख्यालय से केंद्र में फार्मेसिस्ट को तैनाती के आदेश तो हुए मगर ऊंची पहुंच रखने वाले फार्मसिस्ट ने अपना तबादला ही रुकवा लिया।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से चौना पाखुडा़ स्वास्थ्य केंद्र में रिक्त पड़े पद पर जिला मुख्यालय से फार्मेसिस्ट की तैनाती के आदेश हुए। तैनाती न होने पर दो माह बाद प्रभारी चिकित्साधिकारी ताड़ीखेत ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि ऊंची पहुंच रखने वाला फार्मेसिस्ट ने महानिदेशक कार्यालय से ही अपना तबादला रुकवा लिया है। जिला मुख्यालय से फार्मासिस्ट के न आने से मजबूरी में चिकित्सा प्रभारी ने दूसरे गाव से दो दिन की व्यवस्था में चौना पाखुडा गाव में व्यवस्था में फार्मेसिस्ट को भेजा है। महज दो दिन ही फार्मेसिस्ट के व्यवस्था में आने से ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

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'चौना पाखुड़ा में सीएमओ कार्यालय से दो माह पूर्व फार्मेसिस्ट को तैनाती के आदेश हुए थे। जब वे नहीं पहुंचे तो हमने मौखिक संपर्क साधा। पता चला कि डीजी स्तर से ही तबादला आदेश रुकवाया गया है। अब दूसरे सेंटर से फार्मेसिस्ट को दो दिन की व्यवस्था में वहा बैठने के निर्देश दिए गए हैं।

- डॉ. डीएस नबियाल, प्रभारी चिकित्साधिकारी, ताड़ीखेत'

Posted By: Jagran

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