संवाद सहयोगी, चौखुटिया: गेवाड़-बैराठ की रंगीली धरती में बसे जाबर-कोट्यूड़ा ताल में मां नंदा देवी पूजन मेले की धूम मची है। गांव गांव में स्थापित ड्योडियों में ग्रामीण रात्रि देवी आह्वान गीतों में मस्त हैं। इस दौरान ग्रामीण नंदा समेत अन्य अवतरित देव ड़गरियों से आशीर्वाद ले रहे हैं। देवी जागरण कार्यक्रम देर रात तक चल रहे हैं। नंदा देवी पूजन मेला 14 सितंबर तक चलेगा।

जाबर का मां नंदा देवी मेला बीते 7 सितंबर से मुख्य ड्योडी टेड़ागांव में मां के बार भरने एवं अखंड ज्योति स्थापना के साथ हुई। इसके साथ ही सभी गांवों में नित्य रात को देवी जागरण कार्यक्रम चल रहे हैं तथा इस दौरान ग्रामवासी मां-नंदा के भक्तिमय आह्वान गीतों पर झूम रहे हैं। इनमें कोट्यूड़ा-ताल, टेड़ागांव, पैली, न्यौनी, नौगांव, अमस्यारी, बगड़ी, जमराड़ व छित्ताड़ समेत आसपास के गांव शामिल है। गीतों का यह क्रम 12 सितंबर तक जारी रहेगा। इसी दिन छित्ताड़ के जमराड़ गांव से देव डंगरियों द्वारा नंदा के प्रतीक स्वरूप कदली वृक्ष को आमंत्रित किया जाएगा। मेला संयोजक कुबेर सिंह कठायत ने बताया कि 13 सितंबर सुबह बगड़ी गांव से कदली वृक्ष को विदा किया जाएगा तथा फिर जाबर नंदा देवी मंदिर में लाकर कदली वृक्ष से नंदा की मूर्ति का निर्माण होगा तथा पूरे रातभर मंदिर परिसर में रात्रि मेला लगेगा। इस दौरान रात के चार अलग अलग पहरों में नंदा समेत अन्य डंगरिए देव दर्शन देंगे। 14 सितंबर की सुबह मूर्ति का विधिवत विसर्जन कर दिया जाएगा। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या मं पहुंचकर मां के दर्शन करने को कहा है।

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