संवाद सहयोगी, रानीखेत : कोसी घाटी स्थित सीएचसी गरमपानी की स्वास्थ्य व्यवस्था दिन ब दिन बिगड़ती जा रही। स्त्री रोग विशेषज्ञ व अन्य चिकित्सकों के अरसे से रिक्त पदों पर तैनाती न होने से लोगों को बड़े शहरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। यह हाल तब है जब अल्मोड़ा व नैनीताल जिले के दुर्गम गांवों के बाशिंदे इसी स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर हैं। मगर यहां सुविधाओं का अभाव गरीबों पर भारी पड़ रहा।

दरअसल, पीपीपी मोड पर संचालित होने तक अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे स्थित सीएचसी गरमपानी में लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलने लगी थी। व्यवस्था समाप्त होने के बाद यहां की स्वास्थ्य सेवा बदहाली के दौर से गुजर रही। मानक के अनुसार चिकित्सक तो नहीं हैं, अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे आदि की व्यवस्था भी नसीब न होने से दूरदराज के गरीबों को समय व धन की बर्बादी कर हल्द्वानी, अल्मोड़ा या रानीखेत की शरण लेनी पड़ रही।

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भगवान न करे बड़ा हादसा हो

भूस्खलन व अन्य हादसों के लिहाज से अतिसंवेदनशील हाईवे पर भगवान न करे, कोई बड़ी दुर्घटना हो। स्थिति इतनी बद्तर है कि सीएचसी में सामान्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर सुविधा न होने के कारण रेफर कर दिया जाता है। इन हालात में कोई गंभीर रोगी पहुंचे तो जोखिम कम नहीं।

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व्यवस्था न सुधरी तो आंदोलन

देवभूमि व्यापार मंडल अध्यक्ष गजेंद्र नेगी ने कहा कि यदि सीएचसी की व्यवस्था न सुधारी गई तो व्यापारी ग्रामीणों को साथ लेकर आंदोलन को विवश होंगे।

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'चिकित्सकों की कमी है। शासन स्तर पर चिकित्सालयों की व्यवस्था चुस्त दुरुस्त रखने के मकसद से अहम बैठक हुई है। सीएमओ नैनीताल भी इसमें शामिल रहे। उम्मीद है एकाध माह में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएंगी।

-रश्मि पंत, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी'

Posted By: Jagran