संवाद सहयोगी, अल्मोड़ा : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में मंगलवार को विवेकानंद इंटर कालेज में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें शिक्षक-शिक्षिकाओं को कानूनी पहलुओं की जानकारी दी गई। शिविर के बाद शिविर के प्रतिभागियों को कानूनी ज्ञान में अभिवृद्धि के लिए सरल कानूनी ज्ञानमाला का वितरण किया गया।

शिविर की अध्यक्षता करते हुए जनपद न्यायाधीश ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने शिक्षक-शिक्षिकाओं को पीसीपीएनडीटी एक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शारीरिक दु‌र्व्यवहार के अंतर्गत बच्चों को मारना पीटना व परेशान करना इत्यादि शामिल है। कहा कि यहां तक की बच्चे के शरीर पर चोट का निशान पहुंचाना भी शारीरिक दु‌र्व्यवहार के अंतर्गत आता है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनमोहन सिंह ने पॉक्सो एक्ट को एक अत्यंत संवेदनशील विधान बताया। बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एक सम्मिलन ग्रंथि के रूप में कार्य कर रहा है। प्राधिकरण के सचिव शेष चंद्र ने बताया कि धारा 357 एसीआरपीसी के तहत नाल्सा पीड़ित योजना के तहत पीड़ितों को मुआवजा दिलवाने के लिए प्राधिकरण सहायता पहुंचाने का कार्य करता है। शिविर में निर्भया प्रकोष्ठ की वरिष्ठ अधिवक्ता अभिलाषा तिवारी अतिरिक्त जिला जज अल्मोड़ा एवं सिविल जल जूनियर डिविजन संजीव कुमार ने भी शिविर में विचार रखे। इस शिविर में विवेकानंद इंटर कालेज, बीरशिवा स्कूल, महर्षि विद्या मंदिर जीआईसी स्यालीधार के शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा पैरालीगल वॉलियंटर्स ने भागीदारी की।

Posted By: Jagran