संवाद सहयोगी, अल्मोड़ा: प्रदेश में सफाई कार्य को ठेका प्रथा से मुक्त किए जाने की मांग को लेकर पर्यावरण मित्रों ने तीसरे दिन भी नगर पालिका में धरना दिया और विरोध में नारे लगाए। देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले पर्यावरण मित्र इसके बाद कलक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। उन्होंने कहा कि जल्द उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदेश व्यापी आंदोलन किया जाएगा।

धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि पूरे देश में चल रहे स्वच्छ भारत अभियान में पर्यावरण मित्रों की अहम भूमिका रहती हैं, लेकिन सरकार ठेका प्रथा को बंद न करके उनका मनोबल गिराने की कोशिश कर रही हैं। कर्मचारियों ने कहा कि निकायों में ठेका प्रथा एक गंभीर बीमारी की तरह है। जिससे पर्यावरण मित्रों का आíथक स्तर व सामाजिक स्तर कमजोर होता जा रहा है। पर्यावरण मित्रों द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा कि जनवरी में काशीपुर महापंचायत के माध्यम से ठेका प्रथा खत्म कर कर्मचारियों की समस्याओं के निदान का आग्रह किया गया था। वहीं सितंबर माह में हल्द्वानी में महारैली की गई, लेकिन सरकार ने उनकी मांगों पर कोई विचार नहीं किया। उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है। जिसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा। जल्द ही मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश स्तर पर बैठक कर रणनीति बनाकर प्रदेश व्यापी आंदोलन किया जाएगा। धरने में राजपाल पवार, सुरेश केशरी, दीपक चंदेल, सतीश कुमार, राजेंद्र पवार, दीप चंद्र, राजू, मुकेश पवार, कमल चौहान, दीपक सैलानी मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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