अल्मोड़ा, जेएनएन : गुरुवार देर रात्रि से शुरू हुई बारिश का क्रम शुक्रवार को दिन भर जारी रहा। ऊंचाई वाले इलाकों में हिमकण गिरे। इससे एक बार फिर से पहाड़ ठंड की चपेट में आ गया है। बारिश के चलते अधिकतम तापमान में 10 तो न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। शीतकालीन यह बारिश रबी की फसल तथा वनाग्नि सुरक्षा के लिए लाभकारी सिद्ध हुई है।

विदित हो कि गुरुवार को आसमान में दिन भर बादलों की आवाजाही रही। कभी धूप तो कभी छांव का खेल चलता रहा। इसके बाद देर रात्रि से बारिश शुरू हुई जो शुक्रवार को भी दिन भर रुक-रुक होती रही। वहीं जिले के ऊंचाई वाले इलाकों वृद्ध जागेश्वर, विमलकोट, शौकियाथल, बिनसर, मोरनौला आदि इलाकों में दिन में हिमकण गिरे। बारिश व हिमकण गिरने से पहाड़ में एक बार फिर से ठंड लौट आई है। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान के वैज्ञानिक डॉ. बीएम पांडे ने इस बारिश को रबी की फसल के लिए लाभकारी बताया है। उनका कहना है कि इससे गेहूं, जौ, सरसों व मसूर के पौधों की बढ़वार जल्द बढ़ेगी। वहीं इन दिनों पहाड़ में आलू की बुआई करने जा रहे काश्तकारों को भी लाभ पहुंचेगा। इसका यह फायदा होगा की खेतों में पर्याप्त नमी आ जाएगी और आलू जल्द उगेगा। वन विभाग को भी इस बारिश से राहत मिलेगी। इधर, बारिश के चलते नगर में फड़ लगाकर अपनी आजीविका चलाने वाले फड़ कारोबारियों को फजीहत का सामना करना पड़ा। बारिश के बाद अल्मोड़ा नगर का अधिकतम तापमान 11 तथा न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। विदित हो कि गुरुवार को नगर का अधिकतम तापमान 21 तथा न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था।

Posted By: Jagran

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