संवाद सहयोगी, अल्मोड़ा: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी घोषित करने और अठारह हजार वेतन का भुगतान करने सहित ग्यारह सूत्रीय मांग उत्तरांचल आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने की है।

यहां पत्रकारों से वार्ता करते हुए संघ की प्रदेश अध्यक्ष प्रभा फत्र्याल ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों के पोषण, प्राथमिक स्वास्थ्य, अनौपचारिक शिक्षा और उन्हें पूरक आहार वितरण करने का कार्य करते हैं। इसके अलावा सरकार उनसे बीएलओ, आíथक गणना, जनगणना, पल्स पोलियो, राशन कार्ड सत्यापन आदि का कार्य भी करवाती है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए एवं उनका मानदेय 18 हजार रुपये और सहायिकाओं का नौ हजार रुपये निर्धारित किया जाए। उन्होंने सरकार से मुख्य सेविका के पदों पर लगाई रोक को हटाने व उसमें उम्र की बाध्यता समाप्त करने, आंगनबाड़ी कार्यकताओं से बीएलओ का कार्य न कराए जाने, विभाग की बैठकों में बुलाने पर यात्रा भत्ता देने, पोषाहार को दुर्गम स्थानों में ले जाने के लिए खर्च होने वाली पर्याप्त धनराशि देने, आइसीडीएस में निजी व स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोक सभा चुनाव में बीएलओ को 750 रुपया देने की बात कही गई थी, लेकिन केवल 150 रुपया दिया गया वह भी सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी जायज मांगों की अनदेखी कर रही है, मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो नवंबर माह में आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान जिलाध्यक्ष भगवती बिष्ट, बीना भट्ट, महेश चंद्र जोशी, ममता बिष्ट, पुष्पा बिष्ट, गीता बिष्ट, भूमिलता बोरा, विमला पटवाल, मीता साह, सीमा पांडे व लक्ष्मी मेहरा मौजूद रहे।

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