संवाद सहयोगी, अल्मोड़ा : जिला उपभोक्ता फोरम ने फोर्ड इंडिया कंपनी को याचिका कर्ता को हर्जाने के आदेश दिए हैं। कंपनी को याचिका कर्ता को उनके वाहन की सुपुर्दगी के साथ ही मानसिक क्षतिपूर्ति और वाद में व्यय धनराशि भी देनी होगी।

नगर के कर्नाटक खोला निवासी करन कर्नाटक पुत्र स्व. शशि मोहन कर्नाटक ने उपभोक्ता फोरम में दर्ज अपनी याचिका में कहा है कि उन्होंने अपने निजी प्रयोग के लिए पाल प्रतीक मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड से तीस मार्च 2017 को फोर्ड इको स्पोटर्स कार खरीदी थी। जिसे उन्नीस अप्रैल 2017 को वह एक विवाह समारोह में भाग लेने के लिए रानीखेत लेकर गए थे। जहां मामूली ओलावृष्टि में कार की छत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। याचिका में कहा गया है कि वाहन में जीपीएस, नैविगेटर समेत अनेक सुविधाएं खरीद के समय से ही खराब थी। इन खामियों के बाद याचिकाकर्ता इसकी जानकारी शोरूम प्रभारी को दी। कंपनी के सर्वे में इन खामियों को सही भी पाया गया लेकिन इसके बाद भी कार की इन खामियों का कंपनी द्वारा सही नहीं किया गया। जिसके बाद याचिका कर्ता ने उपभोक्ता फोरम में अपनी शिकायत दर्ज कराई। इस मामले का विचारण फोरम के सदस्य प्रभात कुमार चौधरी और लीला जोशी की मौजूदगी में जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा के न्यायालय में हुआ। विचारण के बाद डा. शर्मा ने वाद को स्वीकार करते हुए वाहन कंपनी को निर्णय के पंद्रह दिनों में वाहन को ठीक करने और याचिका कर्ता को क्षतिपूर्ति और वाद व्यय के रूप में 25 हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं।

Posted By: Jagran