संवाद सहयोगी, अल्मोड़ा : जनसमस्याओं का समाधान नहीें होने से भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मा‌र्क्सवादी) का पारा चढ़ने लगा है। पार्टी ने जनसमस्याओं के निराकरण के लिए जल्द सकारात्मक उपाय किए जाने पर जोर दिया है। इस संबंध में पार्टी ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया है।

राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में पार्टी ने उल्लेख किया है कि भाजपा के नेतृत्व वाली मोदी सरकार ने चुनाव के दौरान जनता से जो वायदे किए थे उसमें वह विफल रही है। कहा है कि 2014 में मोदी के नेतृत्व में आयी भाजपा सरकार द्वारा जनता से किए गए तमाम वायदे कोरी कल्पना मात्र ही रह गए हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि ग्रामीण रोजगार गारंटी का जहां शहरी क्षेत्रों तक विस्तार किया जाना चाहिए था उसके बजट में कटौती कर दी गई है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के खात्मे का प्रयास किया जा रहा है। ज्ञापन में पेट्रोल, डीजल की कीमतों का निर्धारण निजी हाथों से लेकर पुरानी व्यवस्था के तहत सरकार के हाथों में हो, रोजगार गांरटी कानून को अधिक व्यापक बनाकर उसका विस्तारीकरण शहरी क्षेत्र में भी हो, शिक्षा व स्वास्थ्य के निजीकरण को खत्म कर इसे आमजन की पहुंच तक पहुंचाने, सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सार्वभौमी बनाए जाने, सरकारी नौकरियों में लगी रोक को हटाकर रिक्त पदों पर नियुक्तियां किए जाने, नौकरियों में ठेका प्रथा को समाप्त किए जाने की मांग उठाई गई है। जिलाधिकारी को ज्ञापन देने वालों में पार्टी के जिला सचिव दिनेश चंद्र पांडे, राजेंद्र प्रसाद जोशी, युसूफ तिवारी, सुनीता पांडे, अरूण जोशी, दीपक वाल्मीकि समेत अनेक पदाधिकारी व सदस्य मौजूद थे।

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