संवाद सहयोगी, रानीखेत : महंगाई पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हल्ला बोला है। उपनेता करन सिंह माहरा ने पूर्व की मनमोहन व मौजूदा मोदी सरकार के तुलनात्मक आंकड़े पेश करते हुए राज्य की त्रिवेंद्र सरकार को भी चौतरफा घेरा। कहा कि कांग्रेसराज में कच्चे तेल की कीमत 107 रुपये बैरल थी। पेट्रोल 71.41 रुपया प्रति लीटर मिल रहा था। अब भाजपाराज में कच्चा तेल 73 रुपये बैरल है तो पेट्रोल का दाम 79.51 रुपये पहुंचा दी गई है। आरोप लगाया कि महंगाई की आग में झुलसाने के बाद केंद्र सरकार ने राफेल खरीद में महाघोटाला कर भ्रष्टाचार का नमूना भी पेश कर डाला है। माहरा ने कहा, इसी मुद्दे पर 10 सितंबर को भारतबंद का आह्वान किया गया है।

उपनेता व विधायक माहरा ने शनिवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से महंगाई के खिलाफ आगामी भारत बंद माहरा ने कहा, पूर्ववर्ती मनमोहन सरकार में रसोई गैस 414 रुपये में मिल रही थी। भाजपा सरकार ने इसकी कीमत बढ़ा कर 831 रुपये कर दिया है। गैस की सब्सिडी तो दूर गरीबों को रोशन तक नसीब नहीं हो रहा। यह भी आरोप लगाया कि नोटबंदी चंद उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के मकसद से की गई। विधायक माहरा ने राज्य सरकार पर भी हर मोर्चे पर विफल करार देते हुए कहा कि प्रदेश में विकास कार्य ठप हैं। खुद सत्तापक्ष के विधायक खुद घुटन महसूस कर रहे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने महंगाई के खिलाफ 10 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया है। इसे प्रदेश में भी सफल बनाया जाएगा।

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स्वास्थ्य सेवा तक न सुधार सकी सरकार

उपनेता करन माहरा ने बिगड़ती स्वास्थ्य सेवा पर भी राज्य सरकार को घेरा। कहा कि उपमंडल के सबसे बड़े गोविंद सिंह माहरा नागरिक चिकित्सालय को पूर्ववर्ती हरीश रावत सरकार ने 200 बेड का बनाया। मौजूदा सरकार के कुछ नेता चिकित्सालय के विकास में रोड़ा बन रहे हैं। आपातकालीन-108 सेवा पर तंस कसा कि भाजपा सरकार की ढिलाई से जीवदायिनी एंबुलेंस के लिए न तो करार बढ़ाया जा सका, ना ही चिकित्सालयों को नई एंबुलेंस ही मिल पा रही।

Posted By: Jagran