दीप सिंह बोरा, रानीखेत

भारतीय सेना के गरुड़ मैदान का 'मैत्री द्वार' दो बड़े गणतांत्रिक देशों भारत व अमेरिका के बीच मित्रता की एक नई पटकथा लिखेगा। चूंकि दोनों देशों की सेनाएं 'काउंटर इंसर्जेसी व काउंटर आतंकवाद' से जुड़े ऑपरेशनों में गहरा अनुभव रखती हैं। विपरीत हालात में एक दूसरे की रणनीति को भी बखूबी समझते हैं। लिहाजा देश दुनिया का यह 14वां 'संयुक्त सैन्य अभ्यास' दो गणतांत्रिक देशों के लिए हर लिहाजा से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सैन्य सूत्रों के मुताबिक इसी बहाने इंडो अमेरिकन सेना कुशल सैन्य अनुभवों को साझा कर सकेंगे। तो आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा भी करेंगे।

दुनिया की महाशक्ति अमेरिका के साथ दुनिया के सबसे गणतांत्रिक देश भारत का 'संयुक्त सैन्य अभ्यास-2018' रानीखेत छावनी के चौबटिया में 16 सितंबर से शुरू होने जा रहा। इसके तहत दोनों देशों के सैन्य विशेषज्ञ डिवीजन, मुख्यालय स्तरीय कमान पोस्ट अभ्यास, एक इंफेंट्री बटालियन द्वारा फील्ड ट्रेनिंग के साथ ही आपसी हितों से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा व रणनीतिक विचार साझा करेंगे।

अंतरराष्ट्रीय परिपेक्ष्य में संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनओ) के नियमों से बंधे इस युद्धाभ्यास को इस तरह योजनाबद्ध किया गया है कि दोनों देशों की सैन्य टुकडि़यां एक दूसरे की संगठनात्मक, हथियारों व सैन्य उपकरणों से आसानी से जुड़ कर कार्य कर सकेंगे। इसके जरिये भारत व अमेरिकी सेना रणनीतिक, तकनीकि, कार्रवाई व ऑपरेशन अनुभवों को साझा करेंगे। समापन आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त ऑपरेशन के प्रदर्शन के साथ होगा।

===============

भारतीय फौज की कायल है दुनिया की महाशक्ति

'संयुक्त सैन्य अभ्यास-2016' में चौबटिया पहुंचे यूएस आर्मी के ब्रिगेड कमांडर कर्नल फॉले ने खुले मन से स्वीकारा था कि वह भारतीय सेना से खासे प्रभावित हैं। माना कि भारतीय सेना का कोई सानी नहीं। उन्होंने गरुड़ मैदान से दोनों देशों की सेनाओं को संबोधित करते हुए कहा था कि संयुक्त सैन्य अभ्यास से भारत व अमेरिका के बीच दोस्ती बढ़ेगी तो भावनात्मक व व्यावसायिक रिश्ते भी मजबूत होंगे। छठी बार सैन्य अभ्यास का हिस्सा बने कैलिफोर्निया नेशनल गार्ड में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल कैनेथ कूप ने भी भारतीय सेना के अनुशासन, पराक्रम व शांति सेना के रूप में अहम भूमिका को खूब सराहा था। ==========

Posted By: Jagran