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Binsar Wildlife Sanctuary Fire: आग बुझाने में नाबालिग की मौत, अब विभाग कह रहा नहीं है हमारा कर्मचारी

Binsar Wildlife Sanctuary Fire बिनसर अभयारण्य क्षेत्र के गैराड़ जंगल में आग बुझाने के दौरान एक नाबालिग की मौत हो गई। वहीं नाबालिग की मौत के बाद उम्र को लेकर विवाद शुरू हो गया है। विवाद शुरू होने के बाद वन विभाग के अधिकारी नाबालिग को अपना कर्मचारी होने से मना कर रहे हैं। उम्र के अनुसार अभी उसे 17 वर्ष भी पूरे नहीं हुए हैं।

By santosh bisht Edited By: Nirmala Bohra Sat, 15 Jun 2024 10:21 AM (IST)
Binsar Wildlife Sanctuary Fire: आग बुझाने में नाबालिग की मौत, अब विभाग कह रहा नहीं है हमारा कर्मचारी
Binsar Wildlife Sanctuary Fire: मृतक करन के पिता घर में ही खेती बाड़ी का काम करते हैं

संस, जागरण. अल्मोड़ा: Binsar Wildlife Sanctuary Fire: बिनसर अभयारण्य क्षेत्र के गैराड़ जंगल में आग बुझाने के दौरान एक नाबालिग की मौत हो गई। घटना में वन विभाग की लापरवाही सामने आई है।

वहीं नाबालिग की मौत के बाद उम्र को लेकर विवाद शुरू हो गया है। विवाद शुरू होने के बाद वन विभाग के अधिकारी नाबालिग को अपना कर्मचारी होने से मना कर रहे हैं। जबकि बीते दिन घटना के बाद विभागीय अधिकारियों ने आग में झुलसने से एक फायर वाचर की मौत की पुष्टि की थी।

बिनसर अभयारण्य क्षेत्र के गैराड़ जंगल में आग बुझाने के दौरान वन विभाग के चार कर्मचारियों की मौत हो गई थी। मृतकों में से एक करन आर्या निवासी भेटूली अयारपानी नाबालिग है। उसके आधार कार्ड में जन्मतिथि 20 सितंबर 2007 दर्ज है। उम्र के अनुसार अभी उसे 17 वर्ष भी पूरे नहीं हुए हैं। जबकि विभागीय अधिकारी करन आर्या की उम्र 21 साल बता रहे हैं।

करन की उम्र को लेकर विवाद

अब मृतक करन की उम्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों ने इसे विभाग की लापरवाही बताया है। वहीं मृतक की उम्र को लेकर स्थानीय लोग जांच की मांग उठा रहे हैं। विवाद बढ़ता देख अब विभागीय अधिकारी करन को अपना कर्मचारी होने से ही मना कर रह हैं। ऐसे में अब सवाल खड़ा हो गया है कि यदि करन फायर वाचर नहीं था, तो आग बुझाने कैसे पहुंचा।

बाल श्रम (निषेध और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2012 के तहत 14 से 18 वर्ष की आयु के किशोरों को किसी भी खतरनाक व्यवसाय में काम पर नहीं रखा जा सकता। वन महकमा पूरे मामले की जांच की बात कह रहा है।

इधर, मृतक करन के चचेरे भाई हिमांशु ने बताया कि करन फायर सीजन शुरू होने के बाद लगातार आग बुझाने पहुंच रहा था। उन्होंने बताया कि मृतक करन के पिता घर में ही खेती बाड़ी का काम करते हैं। वन रेंजर मनोज सनवाल ने बताया कि करन की फायर वाचर के रूप में तैनाती नहीं की गई थी।

हादसे में मारे गए वनकर्मियों के स्वजन को एक दिन का वेतन देंगे

रामनगर: बिंसर क्षेत्र में आग बुझाने के दौरान वन विभाग के कर्मचारियों के निधन पर रामनगर के वनाधिकारियों व कर्मचारियों ने संघ भवन में शोकसभा की। रामनगर क्षेत्र के मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन, वन क्षेत्राधिकारी, उप वन क्षेत्राधिकारी, सहायक वन कर्मचारी संघ, वन वीट अधिकारी संघ, चतुर्थ श्रेणी संघ व दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी संघ शामिल हुए।

कर्मचारियों ने कहा कि वन विभाग के कर्मचारी मृतक परिवार के साथ हैं। तय हुआ कि सभी वन प्रभागों एवं कार्बेट टाइगर रिजर्व के सभी अधिकारी-कर्मचारी अपना एक दिन का वेतन मृतक परिवार को देंगे। इस दौरान घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की गई।

शोकसभा में सीटीआर निदेशक धीरज पांडेय, उपनिदेशक दिगांथ नायक, पार्क वार्डन अमित ग्वासाकोटी,एसडीओ पूनम कैंथोला, रेंजर जितेन्द्र प्रसाद डिमरी, पूरन सिंह खनायत, डा दुष्यंत शर्मा, मोहित राठौर, राम सिंह बोहरा, आनंद सिंह रावत, वीरेंद्र पांडे, बृजमोहन रावत, मोहन पांडे, ललित सती, बृजेश शर्मा, कैलाश छिम्वाल, चन्दन सिंह बिष्ट, ललित सती, प्रमोद पंत मौजूद रहे।