संवाद सहयोगी, अल्मोड़ा : एक दशक से मान्यता को तरस रहे अल्मोड़ा मेडिकल कालेज को आखिरकार मान्यता मिल गई है। मार्च माह से 100 सीटों पर काउंसिलिग पूरी कर कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। जिसके बाद से मेडिकल में पढ़ाई करने वालों को काफी सुविधा मिलेगी।

लंबे समय से उम्मीद कर रहे लोगों की मुराद पूरी हो गई है। मेडिकल कालेज अब इसी सत्र से शुरू हो जाएगा। वर्ष 2004 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने अल्मोड़ा मेडिकल कालेज की घोषणा की थी। मुख्यालय में अल्मोड़ा मेडिकल कालेज का निर्माण वर्ष 2012 में शुरू हुआ था। भवन निर्माण में करीब साढ़े तीन सौ करोड़ रुपये खर्च हुए। मेडिकल कालेज में फैकल्टी पूरी करने के लिए चिकित्सकों की भर्ती की गई। वहीं मशीनों को इंस्टाल किया गया। भवन बनने के बाद पांच बार मान्यता के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन की टीम निरीक्षण कर चुकी थी। लेकिन मान्यता नहीं मिली। जिसमें दो बार टीम ने स्वयं आकर यहां मेडिकल कालेज की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एक बार आनलाइन निरीक्षण किया गया। वहीं एक बार टीम को छुट्टी होने के कारण वापस बैरंग लौटना पड़ा।

पांचवी बार इस जनवरी माह में मेडिकल कालेज का दो दिवसीय निरीक्षण नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) की ओर से किया गया। जिसके बाद अब अल्मोड़ा मेडिकल कालेज को मान्यता मिल गई है। जिसका प्रपत्र मेडिकल कालेज के पास पहुंच चुका है। हालांकि एक बार और काउंसिलिग होने के बाद लेटर आफ परमिशन मिलेगी। जिसके बाद अब सौ एमबीबीएस सीटों की पर कक्षाओं का संचालन मार्च माह से शुरू हो जाएगा। कई वर्षों से मेडिकल कालेज की मान्यता के प्रयास जारी थे। 13 व 14 जनवरी को एनएमसी की टीम ने दो दिनों तक निरीक्षण किया था। जिसके बाद हमें लेटर आफ इनटेंट मिल चुका है। मार्च माह से ही 100 सीटों पर कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी। काउंसिलिग की जा रही है। छात्रों के आने के बाद अन्य व्यवस्थाएं भी ठीक हो जाएगी।

- प्रो. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य, अल्मोड़ा मेडिकल कालेज

Edited By: Jagran