अल्मोड़ा के सल्ट में पकड़ा गया हिंसक बाघ, ट्रैंकुलाइज कर ढैला रेस्क्यू सेंटर भेजा
सल्ट, अल्मोड़ा में मानव-वन्यजीव संघर्ष का कारण बना हिंसक बाघ आखिरकार पकड़ लिया गया है। कार्बेट टाइगर रिजर्व की टीम ...और पढ़ें
HighLights
सल्ट में मानव-वन्यजीव संघर्ष का हिंसक बाघ पकड़ा गया
कार्बेट टाइगर रिजर्व की टीम ने देर रात किया रेस्क्यू
बाघ को ढैला वन्यजीव चिकित्सालय में स्वास्थ्य जांच हेतु भेजा
जागरण संवाददाता, सल्ट। कार्बेट व कालागढ टाइगर रिजर्व से सटे मानव वन्यजीव टकराव के लिहाज से अतिसंवेदनशील गांवों में दहशत का पर्याय हिंसक बाघ आखिरकार ट्रैंकुलाइज कर लिया गया।
बीती देर रात तक चले आपरेशन में कार्बेट टाइगर रिजर्व के विशेषज्ञ डा. दुष्यंत शर्मा के निर्देशन में बाघ की घेराबंदी की गई। सटीक रणनीति के तहत उसे रेस्क्यू कर ढैला (रामनगर) स्थित वन्यजीव चिकित्सालय में पहुंचाया गया है। जहां उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा।
मोहान रेंज के डभरा सौराल ग्राम पंचायत के घोड़ीधार तोक में बीती तीन अगस्त को बाघ ने 21 वर्षीय नवविवाहिता शालू नेगी को मार दिया था। मानव वन्यजीव संघर्ष की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए वन विभाग की विभिन्न टम क्षेत्र में ट्रैप कैमरे, ड्रोन के जरिये लगातार गश्त कर बाघ के पगमार्क और अन्य चिन्हों के आधार पर बौरड़ा की ओर बढी।
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एनाइडर, फाक्सलाइटश की मदद से पिंजरे, ट्रैंक्यूलाइजिंग गन, जाल आदि मौके पर पहुंचा दिए गए थे। सप्ताह भर से वन कर्मियों व बाघ के बीच एक किमी से कम की दूरी रह गई थी।
बीते रोज वर्षा के बीच ही रेस्क्यू आपरेशन का दायरा बढाते हए डीएफओ अभिमन्यु सिंह के निर्देशन में अतिरिक्त टीमें गठित की गई। इसमें अल्मोड़ा वन प्रभाग के मोहान रेंज के साथ ही रानीखेत, अल्मोड़ा, जौरासी व भूमि संरक्षण रामनगर और मंदाल रेंज (कालागढ टाइगर रिजर्व) के वन कर्मियों को मुस्तैद किया गया।
रेस्क्यू विशेषज्ञ टीम (नैनीताल वन प्रभाग) के डा. हिमांशु पांगती व पशिचमी वृत्त के डा. राहुल सती के साथ संयुक्त अभियान चलाया। देर रात बौरड़ा और रतनिया के बीच जंगल में डेरा जमाए बाघ को भौनखाल में ट्रैंकुलाइज कर ढैला रेस्क्यू सेंटर ले जाया गया है।
