अल्मोड़ा की जेन-जी बहनों ने गोद लिया सरकारी स्कूल, शुरू कराई 70 से ज्यादा गरीब बच्चों की पढ़ाई
अल्मोड़ा की जेन-जी बहनें रीतिका और कृतिका बिष्ट पैलाग फाउंडेशन के माध्यम से 70 से अधिक आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ रही हैं।


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
हेमंत बिष्ट, अल्मोड़ा। आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अल्मोड़ा की दो जेन-जी बहनें सराहनीय कार्य कर रही है।
हीरा डुंगरी स्थित पैलाग फाउंडेशन की डायरेक्टर रीतिका बिष्ट और कृतिका बिष्ट शिक्षा से वंचित और जरूरतमंद बच्चों का भविष्य संवारने करने का कार्य कर रही है।
फाउंडेशन अब तक 70 से अधिक बच्चों को शिक्षा से जोड़ चुका है। पढ़ाई में सहयोग के साथ बच्चों की प्रतिभा निखारने और उन्हें शैक्षणिक व खेलकूद गतिविधियों से जोड़ने का काम भी किया जा रहा है।
फाउंडेशन का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसर देना है, ताकि संसाधनों की कमी उनकी पढ़ाई में बाधा न बने। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में यह काम सहयोगियों की मदद से किया जा रहा है। संस्था में छह से अधिक सदस्य हैं।
प्राथमिक विद्यालय बल्टा को लिया गोद
फाउंडेशन ने वर्ष 2025 में प्राथमिक विद्यालय बल्टा को गोद लिया। यहां वर्तमान में 16 से अधिक विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों के साथ अन्य कार्यक्रमों से जोड़ा गया है। संस्था की ओर से बच्चों की पढ़ाई में सहयोग देने के साथ ही उनके सर्वांगीण विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
इसके अलावा जूनियर हाईस्कूल बल्टा के विद्यार्थियों को भी शैक्षणिक कार्यों में मदद दी जा रही है। प्राथमिक विद्यालय बल्टा की प्रधानाध्यापिका हेमलता पांडे और शिक्षक अर्जुन सिंह बिष्ट ने बताया कि फाउंडेशन की मदद से जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाई में सहयोग मिल रहा है। कई विद्यार्थियों ने प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन कर उपलब्धियां भी हासिल की हैं।
राजपुर में 50 से अधिक बच्चों को मिल रहा सहारा
पैलाग फाउंडेशन के सहयोग से मुख्यालय के राजपुर क्षेत्र में भी शिक्षा के क्षेत्र में काम किया जा रहा है। यहां 50 से अधिक आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। जिससे बच्चों के शैक्षणिक विकास में मदद मिल सकेंगी।
