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अल्मोड़ा में फर्जी TET प्रमाण पत्रों से नौकरी पाने वाले तीन शिक्षक बर्खास्त

By Chandrashekhar dwivediEdited By: Rahul Chauhan
Published: Mon, 05 Oct 2026 06:37 PM (IST)

अल्मोड़ा में कूटरचित प्रमाण पत्रों के आधार पर सरकारी नौकरी पाने वाले तीन प्राथमिक शिक्षकों को शिक्षा विभाग ने बर्खास्त ...और पढ़ें

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HighLights

  1. तीन प्राथमिक शिक्षक कूटरचित प्रमाण पत्रों के आधार पर नियुक्त हुए।

  2. जांच में शिक्षक पात्रता परीक्षा-1 के प्रमाण पत्र जाली पाए गए।

  3. शिक्षा विभाग ने तीनों शिक्षकों को बर्खास्त कर विधिक कार्रवाई की।

जागरण संवाददाता, अल्मोड़ा। कूटरचित प्रमाण पत्रों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले प्राथमिक शिक्षकों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विकास खंड भैसियाछाना के तीन प्राथमिक स्कूलों में कूट रचित शिक्षक पात्रता परीक्षा- 1 प्रमाण पत्र के जरिए नियुक्ति पाने वाले तीन सहायक अध्यापकों को तत्काल प्रभाव से पदच्युत (बर्खास्त) कर दिया गया है।

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय प्रारंभिक शिक्षा अल्मोड़ा की ओर से सात नवंबर को सहायक अध्यापक प्राथमिक के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था।

भर्ती प्रक्रिया में भूपेंद्र कुमार पुत्र प्रताप राम , ग्राम व पोस्ट खड़की जिला पिथौरागढ़, अंजना ग्वासीकोटी पुत्री विष्णु प्रसाद ग्सासीकोटी, ग्राम- तल्ला पानी, जिला पिथौरागढ़ व प्रियांशु चंद पुत्र नंदन प्रसाद निवासी कुमाऊं कालोनी, दमुवाढूंगा जिला नैनीताल ने हिस्सा लिया।

भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन तीनों शिक्षकों को 27 जनवरी, 2026 में नियुक्ति प्रदान कर दी गई। इसके लिए भूपेंद्र कुमार को राजकीय प्राथमिक स्कूल कुनखेत नवीन , अंजना ग्वासीकोटी को प्राथमिक स्कूल बौड़ा व प्रियांशु चंद को राजकीय प्राथमिक स्कूल बूढ़ाधौर में नियुक्ति मिल गई।

जांच में इस तरह खुला राज

उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के छह जुलाई 2026 के अनुसार तीनों शिक्षकों की ओर से प्रमाण पत्र में दर्शाए गए अनुक्रमांक परिषद की ओर से कभी जारी ही नहीं किए गए। बोर्ड की मूल सारणीयन पंजिका में तीनों अभ्यर्थियों का कोई रिकार्ड दर्ज नहीं था।

प्रमाण पत्रों में क्यूआर कोड भी पूरी तरह जाली और कूटरचित पाए गए। विभागीय जांच समिति ने 14 जुलाई 2026 की अपनी आख्या में कूटरचित दस्तावेजों से नियुक्ति प्राप्त करने का आरोप सही पाया। इसके बाद तीनों शिक्षकों से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

जिसमें तीनों आरोपितों ने अपने बचाव में कोई वैध साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। इसके बजाय पारिवारिक स्थितियों व बीमारी का हवाला दिया। वहीं त्यागपत्र स्वीकार करने का अनुरोध किया। इस पर वैध साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करने पर तीनों शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।

कूटरचित प्रमाण पत्र से नियुक्ति पाने वाले तीनों शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई प्रस्तावित कर दी गई है।
डा. रवि मेहता, जिला शिक्षा अधिकारी

प्रारंभिक शिक्षा, अल्मोड़ा