संस, अल्मोड़ा : जीएसटी की उलझन से व्यापारियों का पारा चढ़ गया है। गुस्साए व्यवसायी शुक्रवार को बीच बाजार धरने पर बैठ गए। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर गुबार निकाला। कहा कि जीएसटी की नियमावली को इतना जटिल कर दिया गया है कि व्यापार कर पाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने नियमों को शिथिल कर व्यापारी हित में कदम न उठाए जाने पर व्यापक आंदोलन का ऐलान किया।

नगर अध्यक्ष सुशील साह के नेतृत्व में व्यापारी जीएसटी के सरलीकरण के लिए शुक्रवार को लामबंद हो गए। नारेबाजी के बीच मल्ली बाजार में रघुनाथ मंदिर पास मुख्य बाजार में व्यवसायी धरने पर बैठ गए। नगर अध्यक्ष सुशील ने कहा कि केंद्र सरकार व्यापारी हितों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने रिवाइच्ड रिटर्न के प्रावधान पर जोर देते हुए जीएसटी में सजा की व्यवस्था को खत्म किए जाने की पुरजोर मांग उठाई। साथ ही गलत राशि भरने पर रिफंड समायोजन के प्रावधान की वकालत की। इसके अलावा सीमित क्षेत्र में बिकने वाले ब्रांड तथा तिलहन, तेल मसाले को शून्य जीएसटी की श्रेणी में शामिल किए जाने आदि मांग की गई।

उन्होंने रिटर्न फाइल के दौरान अंतरराज्यीय बिक्री की जानकारी मागे जाने का विरोध करते हुए अग्रिम प्राप्त रकम पर जीएसटी जमा कराने व स्क्रूटनी का प्रावधान समाप्त किए जाने की भी वकालत की। इससे पूर्व व्यापारी नेताओं ने नगर अध्यक्ष सुशील के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन जिला प्रशासन को दिया।

इस मौके पर उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद व प्रत्येश पाडे, महिला उपाध्यक्ष उमा बिष्ट, महासचिव मयंक बिष्ट, उपसचिव राहुल बिष्ट, अमन नज्जौन, कोषाध्यक्ष कार्तिक साह, पूर्व अध्यक्ष भैरव गोस्वामी, प्रदेश उपाध्यक्ष किशन गुरुरानी, पूर्व महामंत्री मनीष जोशी, च्योति कपूर, डेरी फेडरेशन उपाध्यक्ष दीप सिंह डागी, चंद्र किरण, नरेंद्र कुमार, अभय साह, अनिल वर्मा, तरुण धवन, नवीन कुमार, गोपाल चम्याल, विमला साह, जया साह, दीपक नायक, संजय मेहरा, दीपक वर्मा, रोहित साह, विवेक वर्मा, सुयश वर्मा, आशुतोष भट्ट आदि मौजूद रहे।

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