संस, अल्मोड़ा : पर्वतीय क्षेत्रों में वनाग्नि का सितम बढ़ता ही जा रहा है। सर्दी से अब तक सैकड़ों हेक्टेयर जंगलात तबाह व लाखों की वन संपदा राख हो चुकी है। फायर सीजन के शुरूआती दौर में भी जंगलात रह-रह कर धधक रहे हैं। अब तक अछूता पिथौरागढ़ हाईवे पर पेटशाल से लगा वन क्षेत्र भी लपटों से घिर गया। विकराल ले चुकी लपटें राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंच गई। हालात बेकाबू होने पर दमकल कर्मियों की मदद ली गई। घंटों मशक्कत के बाद आग तो बुझा ली गई मगर वन संपदा को भारी नुकसान हो गया।

लाख कोशिशों व अपील के बावजूद अराजक तत्व जंगल जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। शुक्रवार को पिथौरागढ़ हाईवे पर चितई से आगे पेटशाल के पास वन क्षेत्र में आग लगा दी गई। वन कर्मियों के विफल रहने के बाद फायर स्टेशन के प्रभारी उमेश चंद्र परगाई से मदद मांगी गई। दमकल कर्मी मय वाहन मौके पर पहुंचे। हाईवे तक पहुंच चुकी लपटें तेजी से गाव की ओर बढ़ने लगी थी। फायर लाइन काट एलएफएम हरीश राम टम्टा, दमकल कर्मी हरनाम सिंह राणा, एफ एम प्रकाश पाडे, भुवन कुमार व डीवीआर पंकज सिंह ने गाड़ी से पंपिंग कर बौछार दी। घंटों की मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पा लिया गया। आग से लाखों की वन संपदा को खाक हो गई। वनाग्नि के बढ़ते ग्राफ से वन्यजीवों के वासस्थल भी जल गए हैं। इससे गुलदारों का आबादी क्षेत्र की ओर रुख बढ़ने लगा है। आग से जंगलात को क्षति के साथ मानव वन्यजीव टकराव का खतरा भी सताने लगा है। इधर डीएफओ महातिम सिंह यादव ने अपील जारी की है कि वनों को बचाने के लिए ग्रामीण सहयोग दें।

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