संसू, ताड़ीखेत (रानीखेत): ब्लाक मुख्यालय परिसर में सुरक्षा कर्मियों की भर्ती कराने के लिए पहुंची सिक्योरिटी कंपनी के चयनित अभ्यर्थियों से शुल्क लिए जाने पर बखेड़ा खड़ा हो गया। युवाओं से शुल्क लेने की भनक लगने पर मौके पर पहुंचे ब्लाक प्रमुख हीरा सिंह रावत ने विरोध शुरू कर दिया। हंगामे के बीच रुपये लौटा दिए गए। हालांकि भर्ती प्रक्रिया में 16 युवा चयनित कर लिए गए। अलबत्ता, विरोध के चलते शुल्क नहीं लिया गया। उधर जिला सेवायोजन अधिकारी ने कहा कि अधिकृत कंपनी देश की नामचीन सिक्योरिटी कंपनी है जो सुरक्षा गार्डो की नियुक्ति करती है। लिहाजा घपले का सवाल ही नहीं। शुल्क उन्हीं युवाओं से लिया जा रहा था जो कंपनी का प्रोस्पेक्टस लेना चाह रहे थे।

सिक्योरिटी गार्डो की भर्ती कराने वाली कंपनी के प्रतिनिधि बुधवार को ब्लाक मुख्यालय पहुंचे थे। यहां बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के मकसद से सुरक्षा कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया चल रही थी। इस दौरान पंजीकरण के नाम पर शुल्क लिए जाने का मामला गरमा गया। शिकायत पर पहुंचे ब्लाक प्रमुख व संगठन जिलाध्यक्ष हीरा सिंह रावत ने गरीब अभ्यर्थियों से शुल्क लिए जाने का विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि भर्ती के नाम पर 350 रुपये लिया जाना गलत है। इस पर कंपनी प्रतिनिधियों ने तर्क था कि जो युवा प्रोस्पेक्टस लेना चाह रहे हैं, उन्हीं से शुल्क लिया जा रहा है। हालांकि ब्लाक प्रमुख के दबाव में सभी के रुपये वापस कर दिए गए। प्रमुख का कहना था कि डीएम व सेवायोजन अधिकारी की ओर से कंपनी को दिए गए पत्र में पंजीकरण शुल्क का कोई जिक्र ही नहीं है।

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'गलतफहमी के कारण ऐसा हुआ। सुरक्षा गार्डो की भर्ती का जिम्मा जिस कंपनी को दिया गया है वह देश की नामचीन संस्था है। हमने कंपनी के लोगों से बात की। पता लगा है कि जो युवा प्रोस्पेक्टस लेना चाह रहे थे, उन्हीं से शुल्क लिया जा रहा था। 60 अभ्यर्थी भर्ती को पहुंचे थे। 16 का चयन कर लिया गया है।

- यशवंत सिंह रावत, जिला सेवायोजन अधिकारी अल्मोड़ा'

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