संस, अल्मोड़ा : कुमाऊं रेजिमेंट सेंटर (केआरसी) मुख्यालय रानीखेत में चल रही खुली सेना भर्ती रैली के लिए कोरोना की जांच कराने को कोविड-19 हास्पिटल बेस चिकित्सालय में नौजवानों की भीड़ को संभालना दूभर हो गया। जांच नमूने लेने के लिए मात्र एक काउंटर होने से अव्यवस्था हावी रही। हालांकि दिन के वक्त डीएम की ओर से निर्देश जारी होने के बाद थर्मल स्क्रीनिंग शुरू की गई। जिन युवाओं में कोरोना सरीखे लक्षण नहीं दिख उन्हें 'स्क्रीन्ड फार कोविड-19, फिट टू रन' प्रमाणपत्र दिया गया।

केआरसी मुख्यालय रानीखेत में भर्ती रैली में हिस्सा लेने वाले युवाओं के लिए कोरोना की जांच रिपोर्ट अनिवार्य है। रैली में 24 फरवरी को अल्मोड़ा व भिकियासैंण तहसील के युवाओं की बारी है। कोरोना जांच के लिए सोमवार की सुबह करीब छह बजे से ही नौजवानों का तांता लगना शुरू हो गया। 10 बजे तक दोनों तहसीलों से लगभग डेढ़ हजार युवा मुख्य गेट पर टेस्ट कराने खड़े हो गए। इससे अव्यवस्था फैल गई। बेवजह भीड़ न जुटे और व्यवस्था न बिगड़े आनन फानन में डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने थर्मल स्क्रीनिंग कर युवाओं को 'फिट टू रन' का प्रमाणपत्र जारी करने के निर्देश दिए। यह भी कहा कि जिन युवाओं में कोरोना सरीखे लक्षण मिलें, उनका समुचित उपचार शुरू किया जाय। तब दिन में एक बजे से स्वैब नमूने लेकर जांच के बजाय सीधे थर्मल स्क्रीनिंग की गई।

============

स्वैब नमूने लेकर जांच व रिपोर्ट देने में देरी हो रही थी। भर्ती रैली में हिस्सा लेने के लिए कोरोना टेस्ट अनिवार्य किया गया है। दिन में डीएम की ओर से निर्देश मिला कि केवल थर्मल स्क्रीनिंग कर ही रिपोर्ट दे दी जाय। यही मान्य होगा। फिलहाल सभी युवा फिट पाए गए। उन्हें फिट टू रन प्रमाणपत्र दे दिया गया है।

- डा. एचसी गड़कोटी, प्रमुख चिकित्साधीक्षक बेस चिकित्सालय

Indian T20 League

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

kumbh-mela-2021