जागरण संवाददाता, अल्मोड़ा : पंचेश्वर बांध निर्माण से पहले ही विवादों में घिर गया। पिथौरागढ़ के बाद धौलादेवी में आयोजित हुई पर्यावरणीय जन सुनवाई के दौरान लोगों की बात न सुनने और उन्हें धक्का मारकर बाहर करने से नाराज उत्तराखंड लोक वाहिनी, उक्रांद और कांग्रेस के लोगों ने जन सुनवाई को नाटक, अवैध और एकांगी करार दे दिया है।

कांग्रेस के जिला प्रवक्ता हेम तिवारी का कहना है कि चम्पावत, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा में हुई पर्यावरणीय जन सुनवाई में पर्यावरणीय रिपोर्ट को सार्वजनिक न करना बड़ा संदेह पैदा करता है। शासन, प्रशासन और परियोजना के अधिकारी सच को छुपा रहे है। कहा कि भाजपा नेता किसी प्रकार के विरोध की आवाज और सुझाव नहीं सुनना चाहते। प्रशासन भी भाजपा नेताओं के इशारे पर काम कर रहा है। भाजपा नेताओं के इशारे पर ही पत्रकार राजीव लोचन साह को जन सुनवाई से जबरन बाहर किया गया। उत्तराखंड लोक वाहिनी के केंद्रीय अध्यक्ष डा.शमशेर ¨सह बिष्ट ने कहा कि जन सुनवाई सत्ताधारी दल की मनमर्जी से चल रही है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने साह को बोलने से रोका और भनोली के एसडीएम ने उनके हाथ से माइक छीन लिया। फिर पुलिस ने उन्हें बाहर कर दिया। उत्तराखंड क्रांति दल ने एक बैठक आयोजित करते हुए कहा कि जब जन सुनवाई में जनता की बात ही नहीं सुननी थी तो जन सुनवाई का नाटक क्यों किया जा रहा है। पिथौरागढ़ से चार बार विधायक रहे काशी ¨सह ऐरी को भी नहीं बोलने दिया गया। इस पर राष्ट्रपति व राज्यपाल के नाम 19 अगस्त को ज्ञापन दिया जाएगा और उसके बाद आंदोलन व जनजागरण की घोषणा की जाएगी। बैठक में संयोजक गोपाल मेहता, महेश परिहार, मुमताज कश्मीरी, हरीश जोशी, गिरीश नाथ गोस्वामी, कमलेश जोशी, गिरीश साह, गौपाल बनौला आदि थे।

Posted By: Jagran

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