संवाद सहयोगी, द्वाराहाट: विधिक शिविर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. श्रावेंद्र शर्मा ने उत्तराखंड को पर्यावरण की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बताया। कहा कि इसके संरक्षण के लिए समाज के हर वर्ग को जिम्मेदारी लेनी होगी। बाल विवाह को अभिशाप बताते हुए उन्होंने कहा कि इसके बदले बच्चों को शिक्षित करना देश व समाज के लिए वरदान होगा।

हरे कृष्णा पितृधाम प्रचार केंद्र नौबाड़ा में रविवार को विधिक शिविर लगाया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. श्रावेंद्र ने हिमालयी राज्य को पर्यावरणीय लिहाज से बेहद अहम बताया। नसीहत दी कि इसके संरक्षण के लिए समाज के हर वर्ग से ईमानदारी से काम करना होगा। आगे कहा कि जंगल सुरक्षित रहे तो नदियों का संरक्षण स्वत: ही हो जाएगा।

उन्होंने बाल विवाह को आधुनिक समाज के लिए अभिशाप बताया। कहा कि कम उम्र में शादी के बजाय अभिभावक बच्चों की शिक्षा पर जोर दें तो समाज और देश तरक्की की राह खुद बना लेगा। शिक्षा के लिए गरीबी कभी आड़े नही आती, इसके लिए बाकायदा उन्होंने अपना उदाहरण प्रस्तुत किया।

अपर जिला जज रानीखेत अमित कुमार, अल्मोड़ा से ओम कुमार, सिविल जज अल्मोड़ा अनीता कुमारी, एसडीएम गौरव चटवाल ने भी विभिन्न विषयों की जानकारी दी। संचालन विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव डॉ. शेष चंद्र ने किया। इस मौके पर तहसीलदार सतीश बर्थवाल, थानाध्यक्ष बीआर पौरी, केपीएस अधिकारी, हेमलता भट्ट, डॉ. लक्ष्मण लाल, डॉ. रविशकर, रघुवीर दास, हेम रावत, नंदिता भट्ट, कविता जोशी, बीना चौधरी, पूरननाथ गोस्वामी, ललित आर्या, हरीश चंद्र आदि मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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