संवाद सहयोगी, रानीखेत : महानियंत्रक रक्षा लेखा (दिल्ली) आइडीएएस शोभना जोशी ने कहा कि बहुत जल्द डिजीटल इंडिया के जरिये पेंशन का सटीक समाधान होगा। महत्वाकांक्षी संगम प्रोजेक्ट के तहत 16 लाख से अधिक पीपीओ जारी किए गए हैं। वन रैंक वन पेंशन के तहत 85 प्रतिशत पेंशनरों की पेंशन का भुगतान कर दिया गया है। इस मद में भारत सरकार 3500 करोड़ का भुगतान विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से कर चुकी है।

महा नियंत्रक शोभना कुमाऊं रेजिमेंट सेंटर के दीवान सिंह हॉल में सोमवार को अवकाश प्राप्त सैन्य अधिकारियों व जवानों के लिए रक्षा पेंशन अदालत के शुभारंभ अवसर पर बोल रही थीं। कहा कि वह पेंशन संबंधी समस्याओं के निदान को प्रतिबद्ध हैं। इसके लिए ठोस पहल की जा रही है। संगम प्रोजेक्ट का जिक्र करते हुए बताया कि रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक इलाहाबाद की ओर से 16 लाख से अधिक पीपीओ जारी किए जा चुके हैं। जनवरी 2006 से पूर्व सेवानिवृत्त पेंशनर इस प्रोजेक्ट के जरिये छठे वेतन आयोग के बाद की अपनी पेंशन पात्रता की जानकारी आसानी से ले सकते हैं।

महानियंत्रक ने डिजीटल इंडिया की चर्चा करते हुए कहा, अब पेंशन की स्वीकृति व भुगतान में तेजी आएगी, वहीं पीपीओ के खोलने की संभावना खत्म हो जाएगी।

चीफ ऑफ स्टाफ उत्तर भारत एरिया मेजर जनरल आरके भारद्वाज ने पेंशनरों की समस्याओं के निदान के लिए पेंशन अदालतों को सराहनीय कदम बताया। इस दौरान लगभग 500 गौरव सेनानियों व वीर नारियों की पेंशन संबंधी समस्याओं का निदान किया गया। इससे पूर्व महानियंत्रक शोभना, चीफ ऑफ स्टाफ उत्तर भारत एरिया मेजर जनरल भारद्वाज ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्ज्वलित कर अदालत का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में केआरसी कमांडेंट ब्रिगेडियर आतेश चाहर, रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (इलाहाबाद) आरएस राणा समेत राज्य सैनिक बोर्ड, रक्षा मंत्रालय व बैंक शाखाओं के अधिकारी आदि मौजूद रहे।