वाराणसी [प्रमोद कुमार यादव]। चिकित्सा शिविर अक्सर जांच, परामर्श और दवा तक सीमित रह जाते हैैं लेकिन इस बार विश्व हृदय दिवस पर स्वास्थ्य विभाग ह्रïदय रोग की पदचाप सुनाएगा। इसकी दस्तक को पहचानने का तरीका बताएगा और आगाह भी करेगा। हृदय दिवस विशेष 29 सितंबर को है और इस दिन शहर से लेकर गांव तक छोटे बड़े सभी सरकारी अस्पतालों में शिविर लगाए जाएंगे। इसमें हृदय रोगों से बचाव के साथ ही दिल को दुरूस्त रखने की जानकारी दी जाएगी।

दरअसल, इस बार वल्र्ड हार्ट फेडरेशन ने विश्व हृदय दिवस की थीम मेरा हृदय आपका हृदय रखी है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिविर लगाने का निर्णय लिया गया है। इसकी मानीटरिंग भी राज्य स्तर पर की जाएगी। सीएमओ डा. वीबी सिंह बताते हैं कि हृदय रोग दबे पैर जरूर आता है लेकिन कुछ भी अचानक नहीं होता है। ऐसे में इसके लक्षण मिलते ही जिला अस्पताल, सीएचसी- पीएचसी या कार्डियोलाजिस्ट से तुरंत संपर्क करना चाहिए।

जागरूकता जरूरी

सीएमओ व वरिष्ठ फिजीशियन डा. सिंह के अनुसार शिविर के माध्यम से हृदय को स्वस्थ रखने के लिए दिनचर्या में बदलाव के बारे में बताया जाएगा। हालांकि इसके लिए सबसे पहले समाज के हर व्यक्ति को जागरूक होना होगा।

बदलें आदत

रात में जल्दी सोएं, सुबह जल्दी उठेंं, रात में भोजन के बाद कम से कम 100 मीटर टहलें, फास्ट फूड व जंक फूड से परहेज, तली भुनी चीजों का कम से कम प्रयोग। अधिक मात्रा में मांसाहार, तंबाकू, धूमपान व मद्यपान से दूरी। उम्र अनुसार सुबह उठ कर योग, टहलना, खेल व व्यायाम।

लक्षण

कुछ विशेष परिस्थितियों को छोड़ कर ह्दय रोग के लक्षणों में सीने में दर्द, जलन, जल्दी सांस फूलना, बायीं बांह (महिला में दोनों बांह) में दर्द, उच्च रक्त चाप, आंखों के सामने अंधेरा आदि।

वर्ष 2000 में शुरुआत

एस एमओ डा. पीपी गुप्ता के अनुसार पूरे विश्व में ह्दय के प्रति जागरूकता और इससे संबंधित समस्याओं से बचाव के उपायों पर प्रकाश डालने के उद्देश्य से हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरूआत 2000 में की गई। शुरूआती समय यह हर साल सितंबर के अंतिम रविवार को मनाया जाता था। वर्ष 2014 में इसके लिए एक तारीख निर्धारित कर दी गई।

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