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बाल विवाह और महिला हिंसा के खिलाफ धर्मगुरु उठायेंगे आवाज, कुप्रथा के खिलाफ कार्यशाला का आयोजन

कार्यक्रम में आये धर्मगुरुओं ने माना कि विभिन्न धर्मों से ताल्लुक रखने वाले गुरुओं की भूमिका को भी नकारा नहीं जा सकता।

By Abhishek SharmaEdited By: Published: Tue, 05 Nov 2019 04:11 PM (IST)Updated: Tue, 05 Nov 2019 04:11 PM (IST)
बाल विवाह और महिला हिंसा के खिलाफ धर्मगुरु उठायेंगे आवाज, कुप्रथा के खिलाफ कार्यशाला का आयोजन

वाराणसी, जेएनएन। सामाजिक संस्था लोक समिति, एशियन ब्रीज इंडिया, ग्राम्या संस्थान और ग्रामीण पुनर्निर्माण संस्थान के आह्वान पर धर्मगुरुओं ने गांव को नशा, बाल विवाह और महिला हिंसा मुक्त करने का बीड़ा मंगलवार को उठाया। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम नागेपुर के लोक समिति आश्रम में नशा, बाल विवाह, महिला हिंसा और यौन उत्पीड़न के खिलाफ आयोजित संस्कारशाला कार्यक्रम में विभिन्न धर्म सम्प्रदाय से आये धर्म गुरुओं ने कहा कि ग्राम स्तर तक दहेज प्रथा और बाल विवाह महिलाओं पर हो रही हिंसा के खिलाफ आवाज बुलंद की जाये। एक-एक आदमी को जागरूक किया जाये और समाज की इन कुरीतियों को लेकर सावधान किया जाए।कहा कि इसके बुरे परिणाम के बारे में सबको बताया जाए ताकि इसके खिलाफ पूरा समाज एक हो सके। 

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कार्यक्रम में आये धर्मगुरुओं ने माना कि विभिन्न धर्मों से ताल्लुक रखने वाले गुरुओं की भूमिका को भी नकारा नहीं जा सकता। क्योंकि सत्संग व सामाजिक आयोजन और शादी-ब्याह बिना उनके संभव नहीं होता। विभिन्न धर्मों से जुड़े प्रभावशाली लोगों को एक मंच पर आने की जरूरत है। ये वह लोग होंगे, जो शादी ब्याह कराने में मुख्य भूमिका में होते हैं। जाहिर है इनलोगों के कहने का असर इनके समाज पर ज्यादा पड़ेगा। इसलिये अपने सत्संग कार्यक्रम में वे गम्भीरता से इस मुद्दे को उठाएंगे।

महिला चेतना समिति की निदेशिका रंजू सिंह ने कहा कि आये दिन महिलाएं घरेलू हिंसा छेड़खानी की शिकार होती है बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ लगातार अभियान चलेगा। एक-दो दिन की बात नहीं है, इसके लिये सालों मेहनत करेंगे तब संतोषजनक परिणाम सामने आयेगा। दहेज प्रथा और बाल विवाह से पार पाने के लिए समाज को जागरूक करने के लिए धर्म गुरुआें को आगे आना होगा। उन्हें अपने अनुयायियों और समाज को इस कुप्रथा से मुक्ति दिलवाने की पहल करनी पड़ेगी।

 

इसके पूर्व सभी धर्मगुरुओं ने दीप जलाकर संस्कारशाला का शुभारम्भ किया। जिसमें हिन्दू मुस्लिम ईसाई निरंकारी मिशन, शिव चर्चा आदि सम्प्रदाय के धर्मगुरु भी शामिल हुए। लोक समिति के संयोजक नन्दलाल मास्टर ने सभी अतिथियों को माला पहनाकर व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन विकास शर्मा, विषय प्रवेश नीतू सिंह, अध्यक्षता ग्रामीण पुनर्निर्माण संस्थान के निदेशक राजदेव चतुर्वेदी और धन्यवाद फौजिया ने किया। कार्यक्रम में मुख्यरूप से भग्गू महाराज, सरजू महाराज, जयराम महाराज, रामकुमार जोसवा, राम सहारे, सरिता, अनीता, सोनी, कल्याणी, सोनू, कमलेश, पंचमुखी, रामबचन, रणविजय, सुनील, अमित, विद्या, मनजीता, सुरेन्द्र सिंह, श्यामसुन्दर, शमा बानो, नीतू सिंह, अर्पित, प्रिया आदि लोग शामिल रहे।


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