चंदौली, जेएनएन। नक्सल प्रभावित नौगढ़ क्षेत्र में पांव पसारी माइक्रोफाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों से महिलाओं का समूह परेशान है। कारण समूह की महिलाओं द्वारा फाइनेंस कंपनियों से लोन की अदायगी लॉकडाउन के चलते समय से नहीं की। फाइनेंस कंपनियों के कर्मचारी लोन वसूलने के लिए नित्य दरवाजे पर पहुंच कर दबाव बना रहे हैं।

कंपनी का कारोबार नक्सल प्रभावित क्षेत्र चलाया जा रहा है। इसमें करीब 10 महिलाओं का समूह बनाकर व्यवसाय होता है। लोगों को एक पखवारे के लिए भारी भरकम ब्याज पर कर्ज दिया जाता है। रिकवरी एक माह के अंदर प्रारंभ हो जाती है। कोरोना वायरस के चलते गरीब तबका मजदूरी से वंचित हो गया है। ऐसे में मार्च माह के बाद कोई काम नहीं मिला। जाहिर है पूर्व में लिए गए लोन को लाभार्थी जमा नहीं कर पाए। बावजूद इसके फाइनेंस कंपनियों के कार्यकर्ता लोगों के यहां पहुंचकर धन जमा करने को दबाव बना रहे हैं। शुक्रवार को तेंदुआ गांव में लोन लिए गरीब साइकिल व गहना बेचने के लिए मजबूर हो गए। मजदूरों का कहना है कि महामारी में ग्रामीण इलाकों में रोजगार नहीं मिलने के कारण भूखे रह रहे हैं। तेंदुआ गांव की संजू पत्नी विजय, माया पत्नी रंजू, रेखा पत्नी महेंद्र, श्रीदेवी पत्नी मुराली, शुगवंती पत्नी रङ्क्षवदर ने कंपनी के कार्यकर्ताओं से कहा समूह के पैसे लॉकडाउन के बाद चुकाएंगे। लेकिन माइक्रो फाइनेंस कंपनी वाले नहीं मान रहे हैं। जिलाधिकारी को पत्र भेज कर समूह की महिलाओं ने लोन की रकम चुकाने के लिए समय बढ़ाने की मांग की है।

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस