जौनपुर, जागरण संवाददाता। जिले में पुलिस द्वारा पिटाई के बाद पीड़िता ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की है। वहीं डीएम के निर्देश पर सीएमओ ने पीड़‍िता का मेडिकल मुआयना कराने के साथ ही कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। जौनपुर जिले के परशूपुर गांव की महिला ने थानाध्यक्ष चंदवक पर बेल्ट से पीटने और आठ घंटे तक हवालात में रखने के बाद शांति भंग में चालान करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा से लिखित शिकायत की है। जिलाधिकारी के निर्देश पर सीएमओ ने पीड़िता का मेडिकल मुआयना कराया।

गांव की दुर्गावती देवी ने शुक्रवार को जिलाधिकारी से मिलकर आपबीती बताते हुए प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। दुर्गावती के अनुसार उनका पट्टीदार राजबली यादव से विवाद चल रहा है। गुरुवार को कहासुनी और मारपीट हो गई। राजबली की सूचना पर पुलिस उसे थाने ले गई। आरोप लगाया है कि थानाध्यक्ष रमेश कुमार ने बेल्ट व लाठी से उसकी पिटाई की, थप्पड़ भी जड़े और बाल पकड़कर सिर दीवार में लड़ा दिया।

थाने की महिला आरक्षी भारती सिंह से भी पिटवाया। किसी अधिकारी से शिकायत करने पर फर्जी मुकदमे में फंसा देने की धमकी दी। शिकायत न करने का वादा करने पर आठ घंटे बाद शाम को शांति व्यवस्था बनाए रखने को पाबंद कर निजी मुचलके पर छोड़़ा। जिलाधिकारी के निर्देश पर सीएमओ डा. लक्ष्मी सिंह ने पीड़िता का मेडिकल मुआयना कराया। थानाध्यक्ष ने महिला के आरोपों को निराधार बताया है।

बोले अधिकारी : भूमि विवाद का मामला था। पीआरबी टीम मारपीट करने वाली दोनों महिलाओं को थाने लाई थी। थाने में भी दोनों आपस में मारपीट कर रही थीं। शांति व्यवस्था बनाए रखने को पाबंद करने की कार्रवाई के बाद छोड़ दिया गया। थाने में पिटाई करने का आरोप गलत है। यदि उच्चाधिकारी आदेश देंगे तो मामले की छानबीन की जाएगी। -गौरव शर्मा, सीओ केराकत।

Edited By: Abhishek Sharma