यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 08, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
वाराणसी में EVM पर बवाल : सपाइयों ने ईवीएम भरे दो वाहन पकड़े, डीएम-पुलिस कमिश्नर को घेरा, एडीजी की गाड़ी पर पथराव
UP Election 2022 वाराणसी में मतगणना स्थल पहड़िया मंडी में ईवीएम जमा होने के अगले दिन शाम को दो वाहन ...और पढ़ें

वाराणसी, जागरण संवाददाता। जिले में मंगलवार की शाम समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने पहड़िया मंडी से ईवीएम दो वाहन में भरकर बाहर ले जाने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन और हंगामा शुरू कर दिया। पहड़िया मंडी में ही ईवीएम को सोमवार की रात जिले भर से संकलित कर एक जगह रखा गया था। ईवीएम को दो वाहन में भरकर बाहर ले जाने के आरोप में सपाइयों ने हंगामा कर दिया तो प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर सपाइयों को समझाने में जुट गए। पहड़िया मंडी में दो वाहन पर ईवीएम लदकर कहीं जा रहा था कि मौके पर मौजूद सपा कार्यकर्ताओं ने उसे रोक लिया। विवाद की जानकारी होने पर सुभासपा-सपा के सुनील सोनकर और अरविंद राजभर भी मौके पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए।
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इस बीच रात करीब ग्यारह बजे एडीजी की गाड़ी पर मौके पर जुटे लाेगों ने पथराव कर दिया। इससे उनके चालक लालता को चोट आई। मंडी गेट के बाहर भीड़ ने कमिश्नर की फ्लीट को रोका और बैरिकेडिंग लगा दिया। पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग गिरा कर जब गाड़ी निकालने का प्रयास किया जा रहा था तो पथराव शुरू हो गया। ड्राइवर लालता प्रसाद यादव के घायल होने पर उनको दीनदयाल में प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया। वहीं पुलिस अधिकारी प्रबल प्रताप सिंह ने क्षतिग्रस्त इनोवा कार को मुख्यालय 95 केरिपु बल के गेट के अंदर कराया। उसी दौरान उनकी गाड़ी पर पथराव भी कर दिया गया। वहीं सिगरा थाना की गाड़ी में उपद्रवियों ने तोड़फोड़ की। इस दौरान पुलिस ने लाठी चार्ज भी किया।

आधी रात को विभिन्न दलों की ओर से शिकायत और मीडिया में वाराणसी में हुए बवाल की खबरों का संज्ञान लेकर रात में ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश लखनऊ की ओर से मीडिया को रिपोर्ट जारी कर पूरे प्रकरण पर चुनाव आयोग का रुख स्पष्ट किया।
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कोतवाली थाना क्षेत्र के हरतीरथ चौराहे पर सपा कार्यकर्ता ने चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। आदमपुर थाना क्षेत्र के गोलगड्डा चौराहे पर सपा कार्यकर्ताओं ने किया धरना प्रदर्शन। मौके पर पुलिस फोर्स पहुंची। बड़ीबाजार क्षेत्र में रात लगभग सवा ग्यारह बजे हजारों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग सड़क पर निकल आए। पुलिस ने लोगों को घर जाने की अपील की। इस बीच सपा प्रत्याशिथों वाराणसी के डीएम व कमिश्चर को हटाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग को संबोधित पर्यवेक्षक को पत्रक सौंपा।
रात करीब 10.30 बजे धरना दे रहे सपा, बसपा, सुभासपा, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने डीएम कौशलराज शर्मा और पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश को पहड़िया मंडी से बाहर नहीं निकलने दिया। दोनों अधिकारी वापस स्ट्रांग रूम की ओर आकर बैठ गए।

वहीं सपा के सहयोगी दल सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने भी ट्वीट कर जिला प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया।
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ईवीएम लदे दोनों वाहनों को पकड़ने के बाद सपाइयों ने हंगामा शुरू कर दिया। वहीं मौके पर पहुंचे अधिकारियों का कहना था कि यह ईवीएम कल मतगणना की ट्रेनिंग के लिए यहां से यूपी कालेज ले जाया जा रहा था। वहीं साढ़े सात बजे मौके पर जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा पहुंचे और सपाइयों से ड्राइवर को मुक्त कराया और सपाइयों को समझाने की भी कोशिश की। वहीं सपाइयों की भीड़ से घिरे जिलाधिकारी ने समझाने की कोशिश की लेकिन उनको रात आठ बजे तक सफलता नहीं मिल सकी। दूसरी ओर स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में लगे पैरा मिलिट्री फोर्स से सपाई बहस करते रहे। रात 8:50 बजे पुलिस द्वारा लाठी चार्ज की अफवाह के बीच भगदड़ मची तो कुछ लोग एक दूसरे पर जा गिरे और चोटिल हो गए।

पहड़िया स्थित मतगणना स्थल पर कांग्रेस की ओर से पूर्व सांसद डा. राजेश मिश्रा भी मौके पर पहुंचे और प्रकरण की जानकारी ली। वहीं रात आठ बजे जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा और पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश नेताओं से बातचीत करने पहुंचे और उनको समझाने का प्रयास किया।विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी के बीच माइक लेकर खड़े इलेक्ट्रानिक मीडिया के लोगों के साथ भी प्रदर्शन कर रहे लोगों ने धक्का मुक्की करने के साथ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को घेर कर नारेबाजी भी की। समाजवादी पार्टी के नेताओं द्वारा चक्काजाम किए जाने के चलते पहड़िया -सारनाथ रोड पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। मार्ग जाम होने से राहगीर भी परेशान रहे और दूर दूर तक वाहनों की कतार लग गई। वहीं रात साढे आठ बजे कैंट प्रत्याशी पूजा यादव भी पहुंची। भीड़ के बीच में आपत्ति जनक नारे की वजह से माहौल कई बार गर्म भी हो गया।
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इस प्रकरण पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी ट्वीट करते हुए लिखा है कि - "वाराणसी में ईवीएम पकड़े जाने का समाचार उप्र की हर विधानसभा को चौकन्ना रहने का संदेश दे रहा है। मतगणना में धांधली की कोशिश को नाकाम करने के लिए सपा-गठबंधन के सभी प्रत्याशी और समर्थक अपने-अपने कैमरों के साथ तैयार रहें। युवा लोकतंत्र व भविष्य की रक्षा के लिए मतगणना में सिपाही बने!"
वाराणसी में EVM पकड़े जाने का समाचार उप्र की हर विधानसभा को चौकन्ना रहने का संदेश दे रहा है।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) March 8, 2022
मतगणना में धांधली की कोशिश को नाकाम करने के लिए सपा-गठबंधन के सभी प्रत्याशी और समर्थक अपने-अपने कैमरों के साथ तैयार रहें।
युवा लोकतंत्र व भविष्य की रक्षा के लिए मतगणना में सिपाही बने!
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वहीं विरोध कर रहे सपाइयों ने दोनों वाहनों के चालकों को बंधक बना लिया तो सुरक्षा कारणों से बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स बुला ली गई। इसके साथ ही मार्ग जाम कर आवागमन बाधित कर दिया। वहीं जानकारी होने के बाद समाजवादी पार्टी के सभी स्थानीय नेता मौके पर जुटे। वहीं कुछ देर बाद शहर दक्षिणी से समाजवादी पार्टी प्रत्याशी किशन दीक्षित के पक्ष में अधिवक्ताओं का भी एक वर्ग जुट गया। वहीं शहर दक्षिणी के समाजवादी पार्टी प्रत्याशी किशन दीक्षित दोपहर से ही पहड़िया मंडी में मौजूद रहे और ईवीएम की निगरानी में जुटे रहे। दूसरी ओर सुरक्षा कारणों से सात बजे मौके पर पुलिस फोर्स पहुंच गई और फोर्स के सामने ही सपाई धरना देते हुए बैठकर नारेबाजी करने लगे।
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इस बाबत मौके पर मौजूद समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का आरोप था कि शहर दक्षिणी विधानसभा का ईवीएम निकालकर यहां से बाहर भेजा जा रहा है। वहीं मौके पर पहुंचे अधिकारियोंं ने इस बाबत बताया कि यह ईवीएम बुधवार को दिन में मतगणना के प्रशिक्षण के लिए यहां से यूपी कालेज भेजा जा रहा था।वहीं हंगामा की जानकारी होने के बाद एडीएम प्रशासन समेत सभी आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और सपाइयों को समझाने बुझाने का प्रयास करने लगे। मौके पर प्रदर्शन कर सहे सपाइयों का कहना था कि प्रशासन से ज्यादा वह मीडिया के एक्जिट पोल को लेकर नाराज हैं। सपाइयों ने धरना प्रदर्शन करने के साथ ही भाजपा और मोदी -योगी के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद मौके पर पुलिस और सुरक्षा बलों को बुलाकर मतगणना स्थल की सुरक्षा को और पुख्ता करने की तैयारियां शुरू कर दी गईंं।
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बोले जिलाधिकारी : जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण हेतु यह सभी ईवीएम मंडी स्थित अलग खाद्य गोदाम में बने स्टोरेज से यूपी कॉलेज जा रही थी, कुछ राजनैतिक लोगों ने वाहन को रोक कर उसे चुनाव में प्रयुक्त ईवीएम कह कर अफवाह फैलाई है। कल काउंटिंग ड्यूटी में लगे कर्मचारियों की द्वितीय ट्रेनिंग है और हैंड्स ऑन ट्रेनिंग हेतु ये मशीन ट्रेनिंग में हमेशा प्रयुक्त होती है। जो ईवीएम चुनाव में प्रयुक्त हुई थीं वे सब स्ट्रांग रूम में सीआरपीएफ के कब्जे में सील बंद हैं और उसमें सीसीटीवी की निगरानी है जिसे सभी राजनैतिक दलों के लोग देख रहे हैं।
